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MP Local Body Elections: मध्य प्रदेश में महापौर को जनता चुनेगी, अध्यक्षों को पार्षद, सरकार ने राजभवन भेजा नया प्रस्ताव
Thu, 26 May 2022 12:05 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 26 May 2022 12:05 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्षों के चुनाव को लेकर असमंजस खत्म हो गया है। गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने अध्यादेश का प्रस्ताव राजभवन भेज दिया है।
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निकाय चुनाव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के नगरीय निकाय चुनाव में नगर निगमों के महापौरों का चुनाव जनता करेगी और नगर पालिका व नगर परिषद के अध्यक्षों का चुनाव पार्षद करेंगे। इस मसले पर बने असमंजस को दूर करते हुए राज्य सरकार ने नया प्रस्ताव राजभवन भेजा है। इस अध्यादेश के जल्द से जल्द जारी होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। दरअसल, बुधवार को कहा गया था कि महापौर और अध्यक्षों के चुनाव सीधे जनता करेगी और इस संबंध में प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा गया है। हालांकि, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह कहकर असमंजस बढ़ा दिया था कि नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव सरकार की तरफ से राजभवन को नहीं भेजा गया है। इसके बाद यह तय नहीं हो रहा था कि महापौर और अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी? इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी ही सामने नहीं आ रही थी। दरअसल महापौर और अध्यक्षों के चुनाव को लेकर भाजपा संगठन का एक गुट जनता से चुनाव कराने और दूसरा पक्ष पार्षदों से चुनाव कराने की बात कर रहा था। इसके चलते शिवराज सरकार निर्णय पर कुछ तय नहीं कर पा रही थी। अब सरकार के प्रवक्ता और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने साफ कर दिया है कि महापौर का चुनाव जनता और अध्यक्षों का चुनाव पार्षद करेंगे। इसका प्रस्ताव राजभवन भेज दिया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
कमलनाथ सरकार का फैसला पलटा
इससे पहले कमलनाथ सरकार ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का निर्णय लिया था। बीजेपी की सरकार बनने के बाद शिवराज ने कमलनाथ के निर्णय को अध्यादेश लाकर पलट दिया था। इसे डेढ़ साल तक विधानसभा में पेश ही नहीं किया गया। इससे यह खुद-ब-खुद रद्द हो गया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चुनाव कराने के आदेश के बाद सरकार ने जनता से महापौर और पार्षद का चुनाव कराने को लेकर अध्यादेश का प्रस्ताव राजभवन भेजा। उसे बाद में वापस भी बुला लिया। इस वजह से कमलनाथ सरकार के समय लागू की गई अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की व्यवस्था प्रभावी हो गई। अब सरकार ने महापौर का चुनाव जनता और अध्यक्षों का चुनाव पार्षद से कराने का प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
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मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में महापौर, नगर पालिका अध्यक्ष और नगर परिषद अध्यक्षों का चुनाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। दरअसल, बुधवार को कहा गया था कि महापौर और अध्यक्षों के चुनाव सीधे जनता करेगी और इस संबंध में प्रस्ताव राज्यपाल को भेजा गया है। हालांकि, गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह कहकर असमंजस बढ़ा दिया था कि नगरीय निकाय चुनाव से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव सरकार की तरफ से राजभवन को नहीं भेजा गया है। इसके बाद यह तय नहीं हो रहा था कि महापौर और अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया क्या होगी? इसे लेकर कोई स्पष्ट जानकारी ही सामने नहीं आ रही थी। दरअसल महापौर और अध्यक्षों के चुनाव को लेकर भाजपा संगठन का एक गुट जनता से चुनाव कराने और दूसरा पक्ष पार्षदों से चुनाव कराने की बात कर रहा था। इसके चलते शिवराज सरकार निर्णय पर कुछ तय नहीं कर पा रही थी। अब सरकार के प्रवक्ता और गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने साफ कर दिया है कि महापौर का चुनाव जनता और अध्यक्षों का चुनाव पार्षद करेंगे। इसका प्रस्ताव राजभवन भेज दिया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
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कमलनाथ सरकार का फैसला पलटा
इससे पहले कमलनाथ सरकार ने अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का निर्णय लिया था। बीजेपी की सरकार बनने के बाद शिवराज ने कमलनाथ के निर्णय को अध्यादेश लाकर पलट दिया था। इसे डेढ़ साल तक विधानसभा में पेश ही नहीं किया गया। इससे यह खुद-ब-खुद रद्द हो गया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चुनाव कराने के आदेश के बाद सरकार ने जनता से महापौर और पार्षद का चुनाव कराने को लेकर अध्यादेश का प्रस्ताव राजभवन भेजा। उसे बाद में वापस भी बुला लिया। इस वजह से कमलनाथ सरकार के समय लागू की गई अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की व्यवस्था प्रभावी हो गई। अब सरकार ने महापौर का चुनाव जनता और अध्यक्षों का चुनाव पार्षद से कराने का प्रस्ताव बनाकर भेजा है।
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