फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP High Court issues show cause notice to Sagar Commissioner Mukesh Kumar Shukla on contempt petition

MP News: अवमानना याचिका पर सागर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस, हाई कोर्ट के आदेश की नाफरमानी का मामला

Tue, 07 Feb 2023 08:28 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मध्य प्रदेश Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Tue, 07 Feb 2023 08:28 PM IST
सार

अवमानना याचिका के मुताबिक, संभागायुक्त सागर को कोर्ट के आदेश से अवगत करवाते हुए त्वरित सुनवाई के लिए 26 दिसंबर 2022 को आवेदन पेश किया गया था। लेकिन संभागायुक्त ने मामले का निराकरण नहीं किया। इसके बाद एकलपीठ ने हाई कोर्ट के आदेश की नाफरमानी को गंभीरता से लेते हुए संभागायुक्त सागर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

विज्ञापन
MP High Court issues show cause notice to Sagar Commissioner Mukesh Kumar Shukla on contempt petition
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

विस्तार

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने मंगलवार को अवमानना याचिका को लेकर सागर आयुक्त मनोज कुमार शुक्ला को कारण बताओ नोटिस (शो कॉज नोटिस) जारी किया है। कोर्ट के आदेश के बावजूद सागर आयुक्त शुक्ला ने निर्धारित समय सीमा में अपील का निराकरण नहीं किया। इसके खिलाफ हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी। हाई कोर्ट के जस्टिस एमएस भटटी ने आयुक्त सागर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

विज्ञापन


जिला कलेक्टर छतरपुर ने पुराने रिकॉर्ड पर की थी कार्रवाई
याचिकाकर्ता कल्लू लोधी की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि अपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर कलेक्टर छतरपुर ने साल 2018 में उसके खिलाफ जिला बदल की कार्रवाई की थी। जिला कलेक्टर छतरपुर ने साल सितंबर 2022 में भी पूर्व के अपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर जिला बदल की कार्रवाई कर दी। इस दौरान उसने कोई अपराधिक गतिविधि नहीं की। जिला बदल की कार्रवाई के खिलाफ उसने संभागायुक्त सागर मुकेश कुमार शुक्ला के समक्ष अपील दायर की थी।
विज्ञापन


अदालत ने 15 दिनों अपील के निराकरण का दिया था आदेश
संभागायुक्त उसकी अपील पर सुनवाई नहीं करते हुए लंबित रखे हुए थे। इसके खिलाफ लोधी ने हाई कोर्ट में उक्त याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि छतरपुर कलेक्टर का आदेश संविधान की धारा 20 का उल्लंघन है। याचिका की सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संभागायुक्त सागर को 15 दिनों में अपील का निराकरण करने आदेश जारी किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सागर आयुक्त ने कोर्ट के आदेश को किया नजरअंदाज
दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि संभागायुक्त सागर को हाई कोर्ट के आदेश से अवगत करवाते हुए त्वरित सुनवाई के लिए 26 दिसंबर 2022 को आवेदन भी पेश किया था। इसके बावजूद भी संभागायुक्त ने मामले का निराकरण नहीं किया। एकलपीठ ने हाई कोर्ट के आदेश की नाफरमानी को गंभीरता से लेते हुए संभागायुक्त सागर को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने पैरवी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed