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Jabalpur News: शादी का झांसा देकर संबंध बनाने के आरोप पर हाईकोर्ट ने दी राहत,आरोपी को मिली अग्रिम जमानत

Fri, 05 Jun 2026 08:57 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Fri, 05 Jun 2026 08:57 PM IST
सार

पांच साल तक संबंध में रहने के बाद दर्ज कराए गए दुष्कर्म मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने माना कि दोनों पक्ष बालिग थे और आपसी सहमति से संबंध में थे।

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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पांच वर्षों तक संबंध में रहने के बाद दर्ज कराए गए दुष्कर्म के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति देव नारायण मिश्रा की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पक्ष बालिग हैं और आपसी सहमति से संबंध में थे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि आवेदक पुलिस अधिकारी के निर्देश पर मेडिकल जांच के लिए उपस्थित रहेगा।

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आवेदक आर्थिक सहायता भी करता था
सिंगरौली निवासी राजेश चर्माकर की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि वह शादीशुदा है और वर्ष 2020 में उसकी पहचान शिकायतकर्ता से हुई थी। शिकायतकर्ता के पति की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध स्थापित हो गए और आवेदक उसकी आर्थिक सहायता भी करता था। बाद में शिकायतकर्ता ने उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज करा दिया।

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जानें क्या तर्क दिया गया था?
आवेदक की ओर से तर्क दिया गया कि वह पहले से शादीशुदा था और इस तथ्य की जानकारी शिकायतकर्ता को थी। ऐसे में उससे विवाह करना संभव नहीं था। शिकायतकर्ता का यह आरोप गलत है कि आवेदक ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इसलिए उसके खिलाफ दुष्कर्म का मामला नहीं बनता।

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एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद आवेदक को सशर्त अग्रिम जमानत प्रदान कर दी। साथ ही निर्देश दिए कि वह जांच एजेंसी का पूरा सहयोग करेगा तथा जांच अधिकारी द्वारा निर्धारित तारीख और समय पर उपस्थित होगा। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विशाल डेनियल ने पैरवी की।

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