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मध्यप्रदेश कांग्रेस में घमासान, सिंघार ने दिग्विजय पर लगाया सरकार को ब्लैकमेल करने का आरोप

Tue, 03 Sep 2019 09:10 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Gaurav Pandey Updated Tue, 03 Sep 2019 09:10 PM IST
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MP Forest Minister Umang Singhar said Digvijay Singh is trying to blackmail state Government
दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह पर अपना हमला और तेज करते हुए मध्य प्रदेश के वन मंत्री उमंग सिंघार ने मंगलवार को आरोप लगाया कि वह अपनी ही राज्य सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं। इससे पहले पार्टी के कद्दावर आदिवासी नेता सिंघार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर दावा किया था कि दिग्विजय स्वयं को मध्य प्रदेश में ‘पॉवर सेंटर’ के रूप में स्थापित करने में जुटे हैं और अपनी ही पार्टी की कमलनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। 

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यह दावा उन्होंने प्रदेश के मंत्रियों को हाल ही में राज्य के अधिकारियों के तबादले सहित अन्य काम कराने के बारे में दिग्वजिय द्वारा लिखे गए पत्र के संदर्भ में किया था। उनकी ये टिप्पणियां इशारा करती हैं कि सत्तारूढ़ दल कांग्रेस में गुटबाजी चल रही है। इससे पार्टी की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। राज्य में 15 साल तक विपक्ष में रहने के बाद महज नौ महीने पहले कांग्रेस सत्ता में लौटी है।
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धार जिले की गंधवानी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे सिंघार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि दिग्विजय ऐसे काम कर रहे हैं जैसे कि वह खुद ही मुख्यमंत्री हों। वह अपने चुनिंदा विधायकों और मंत्रियों के बल पर सरकार पर खुलकर दबाव बनाते हैं। उनको (दिग्विजय) सब कुछ तो मिला। दस साल मुख्यमंत्री रहे। उन्होंने उसके बाद राजनीतिक संन्यास ले लिया। अब जब यहां सरकार बन गयी तो मलाई काटने आ गए।
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यह पूछे जाने पर कि क्या दिग्विजय मध्य प्रदेश सरकार को अस्थिर भी कर रहे हैं, तो सिंघार ने कहा, ‘बिलकुल। पूरी (मध्य प्रदेश) सरकार को ब्लैकमेल कर रहे हैं। सरकार के अंदर अपने हिसाब से निर्णय करवा रहे हैं। वह समानांतर सरकार चलाने के लिए दबाव बनाते हैं।’ उन्होंने दिग्विजय पर यह भी आरोप लगाया कि उन्हीं के कारण साल 2017 में हुए विधानसभा के चुनाव के बाद कांग्रेस गोवा में सरकार बनाने में असफल रही थी।

'दिग्विजय के चलते ही कांग्रेस से दूर हुए जहलमोहन रेड्डी'

सिंघार ने आरोप लगाया, ‘दिग्विजय के कारण ही वाईएसआर कांग्रेस नेता एवं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी भी कांग्रेस से दूर चले गए।’ उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, ‘वह (दिग्विजय) हिंदुस्तान के हिंदुओं को आतंकवादी कहते हैं, पाकिस्तानी जासूस कहते हैं। क्या मजाक बना रखा है? इनके ऐसे बयानों से कांग्रेस को नुकसान हो रहा है।’ सिंघार ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पर मंत्रियों और प्रदेश के सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया।

दिग्विजय ने प्रदेश सरकार के मंत्रियों को हाल ही में पत्र लिखकर तबादलों और अन्य कार्यों के बारे में लिखे गए उनके पत्रों पर की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी थी। उन्होंने सभी मंत्रियों से मिलने के लिए 31 अगस्त तक समय देने का आग्रह किया था, ताकि वह जान सकें कि उनकी सिफारिशों पर क्या कार्रवाई की गई है। उनके इस पत्र पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सिंघार ने रविवार को दावा किया था कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रदेश की कमलनाथ सरकार को पर्दे के पीछे से चला रहे हैं।

'खुद को मध्यप्रदेश में पावर सेंटर बनाने में जुटे दिग्विजय'

सोनिया को लिखे पत्र में सिंघार ने कहा है, ‘बड़े ही दुःख के साथ आपको यह अवगत कराना पड़ रहा है कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार को पार्टी के ही कद्दावर नेता एवं सांसद दिग्विजय सिंह अस्थिर कर स्वयं को मध्य प्रदेश में ‘पॉवर सेंटर’ के रूप में स्थापित करने में जुटे हैं। वह लगातार मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों को पत्र लिख रहे हैं और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।’

इस मामले में दिग्विजय से फोन पर बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। हालांकि, दिग्विजय के बेटे और मध्य प्रदेश के मंत्री जयवर्द्धन सिंह ने कहा कि प्रजातांत्रिक प्रणाली में मंत्रियों को पत्र भेजने में कुछ भी गलत नहीं है।

कमलनाथ आज ही सुलझाएंगे मामला : मानक अग्रवाल

जयवर्द्धन ने ट्विटर पर लिखा, ‘मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार हमारे कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के आशीर्वाद से बनी है। आज हमारे सामने चुनौती देश के संविधान को कायम रखने की है। भाजपा से शोषित किसान, मजदूर और युवा हमारी ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है। पत्राचार एक प्रजातांत्रिक व्यवस्था है। इसमें कुछ गलत नहीं है।’ इस बीच, दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानक अग्रवाल ने कहा, ‘कमलनाथ जी ने इस मामले का संज्ञान लिया है और वह आज ही इस मुद्दे को सुलझाएंगे।’ 



वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘मध्य प्रदेश में 15 साल तक ईमानदार पार्टीजनों के साथ किए गए संघर्ष के बाद आठ महीनों में जो स्थितियां सामने आ रही हैं, उसे देखते हुए बहुत व्यथित हूँ। यदि इतनी जल्दी इन दिनों का आभास पहले ही हो जाता तो शायद जान हथेली पर रखकर जहरीली और भ्रष्ट विचारधारा के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ता। बहुत आहत हूं।’

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