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मध्यप्रदेश: नरसिंहपुर के सात डॉक्टर और तीन नर्सों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Wed, 08 Apr 2020 01:06 PM IST
Rohit Ojha
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नरसिंहपुर
Published by: Rohit Ojha
Updated Wed, 08 Apr 2020 01:06 PM IST
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कोरोना वायरस
- फोटो : पीटीआई
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मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के सात डॉक्टर और तीन नर्सों के खिलाफ बिना किसी सूचना के ड्यूटी से नदारद रहने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
नरसिंहपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव कार्य में जानबूझकर नदारद रहने वाले डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।
नरसिंहपुर के एसपी डॉ. गुरु करण सिंह ने बताया कि नदारद चिकित्सकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। अपराध सिद्ध होने पर छह माह से तीन साल तक की सजा हो सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सिविल सर्जन ने कलेक्टर को अवगत कराया था कि कुछ डॉक्टर और स्टाफ बिना अनुमति के ही अनुपस्थित हैं। उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हैं, जिससे आपातकालीन चिकित्सा प्रभावित हो रही है।
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इसी आधार पर कलेक्टर ने इन चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसी बीच कलेक्टर ने आठ डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जबलपुर के कमिश्नर रविंद्र कुमार मिश्रा को भी पत्र लिखा है।
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नरसिंहपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव कार्य में जानबूझकर नदारद रहने वाले डॉक्टरों और अन्य स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।
नरसिंहपुर के एसपी डॉ. गुरु करण सिंह ने बताया कि नदारद चिकित्सकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। अपराध सिद्ध होने पर छह माह से तीन साल तक की सजा हो सकती है।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सिविल सर्जन ने कलेक्टर को अवगत कराया था कि कुछ डॉक्टर और स्टाफ बिना अनुमति के ही अनुपस्थित हैं। उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हैं, जिससे आपातकालीन चिकित्सा प्रभावित हो रही है।
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इसी आधार पर कलेक्टर ने इन चिकित्सकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसी बीच कलेक्टर ने आठ डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जबलपुर के कमिश्नर रविंद्र कुमार मिश्रा को भी पत्र लिखा है।
