MP Election: BJP ने 37 विधायकों पर फिर चला दांव, सिंधिया समर्थक मंत्री सहित अटल जी के भांजे को नहीं दिया टिकट
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विस्तार
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 92 उम्मीदवारों की पांचवी सूची जारी कर दी है। पार्टी ने अभी भी दो सीट गुना और विदिशा सीट पर किसी प्रत्याशी को टिकट नहीं दिया है। भाजपा अब तक 228 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। पार्टी ने 6 मंत्रियों के टिकट दिया है। जबकि 3 मंत्री ओपीएस भदौरिया, यशोधरा राजे सिंधिया और गौरीशंकर बिसेन के नाम इस सूची में नहीं हैं। बिसेन की जगह उनकी बेटी मौसम बिसेन को टिकट दिया गया है। पांचवी लिस्ट में मौजूदा 67 विधायकों में से 37 को फिर से मौका मिला है, जबकि 3 मंत्रियों समेत 29 विधायकों के टिकट काटे गए हैं। इस लिस्ट में 12 महिलाओं को टिकट दिया है।
इंदौर-3 सीट से पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय का टिकट काट दिया गया है। उनकी जगह राकेश गोलू शुक्ला को मैदान में उतारा गया है। जबकि डॉ अंबेडकर नगर महू सीट से मंत्री उषा ठाकुर फिर मैदान में हैं। पार्टी ने बुरहानपुर सीट से पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस को मैदान में उतारा है। जबकि पूर्व मंत्री माया सिंह को ग्वालियर को फिर टिकट दिया है। जोबट में विधायक सुलोचना रावत की जगह उनके बेटे विशाल रावत को टिकट दिया। बड़वाह से कांग्रेस के वर्तमान विधायक सचिन बिरला को टिकट दिया। वे हाल ही में भाजपा में शामिल हुए थे।
धार से वर्तमान विधायक नीना विक्रम वर्मा और दमोह से पूर्व विधायक जयंत मलैया को टिकट दिया है। जबकि उज्जैन से पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय को आलोट सीट से टिकट मिला है। होशंगाबाद से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा को टिकट। कांग्रेस ने इस सीट से उनके भाई गिरिजाशंकर शर्मा को उतारा है।
पार्टी ने नागौद से पूर्व सांसद नागेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है। वे पहली बार 1977 में इसी सीट से विधायक बने थे। दमोह सीट से फिर पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया फिर मैदान में हैं। 2018 का चुनाव मलैया कांग्रेस के राहुल लोधी से हार गए थे। गुढ़ सीट पर पार्टी ने वर्तमान 75 वर्षीय विधायक नागेंद्र सिंह फिर भरोसा जताया है। भाजपा ने सेमरिया से वर्तमान विधायक केपी त्रिपाठी पर ही भरोसा दिखाया है।
इधर, भाजपा ने अनारक्षित सीट मनगवां पर नया प्रयोग किया है। पार्टी ने नरेंद्र प्रजापति पर दांव चला है। यहां से पार्टी ने पंचूलाल प्रजापति का टिकट काट दिया है। भाजपा ने त्योंथर सीट से सिद्धार्थ तिवारी को मैदान में उतारा है। तिवारी हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं। सिद्धार्थ तिवारी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी के पोते हैं।
अटल जी के भांजे अनूप मिश्रा और सिंधिया समर्थक भदौरिया बेटिकट
पार्टी 228 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। सिर्फ गुना और विदिशा होल्ड पर है। गुना से भाजपा के गोपीलाल जाटव विधायक हैं, वहीं विदिशा से कांग्रेस के शशांक भार्गव विधायक हैं। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा ग्वालियर दक्षिण सीट से टिकट मांग रहे थे, लेकिन उनकी जगह इस सीट पर पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को उम्मीदवार बनाया है। अनूप मिश्रा पिछला चुनाव भितरवार सीट से लड़े थे।
भाजपा ने भिंड की मेहगांव सीट से मौजूदा विधायक और नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री ओपीएस भदौरिया का टिकट काट दिया है। उनकी जगह पूर्व विधायक राकेश शुक्ला को प्रत्याशी बनाया गया है। 2018 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर ओपीएस भदौरिया ने भाजपा प्रत्याशी राकेश शुक्ला को 25,814 वोटो से हराया था। बाद में ओपीएस भदौरिया सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। ओपीएस भदोरिया की गिनती सिंधिया समर्थकों में होती है।
2018 में बसपा के टिकट पर भिंड से चुनाव जीते संजीव सिंह कुशवाह पिछले साल भाजपा में शामिल हुए थे। भाजपा ने संजीव सिंह कुशवाह की जगह भाजपा ने पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह को टिकट दिया है।
