फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP Election 2023: BJP played mid game of wait and watch to patkhani Congress, know the reason for 94 seats stu

MP Election 2023: कांग्रेस को पटखनी देने भाजपा ने वेट एंड वॉच का खेला माइड गेम, जाने 94 सीटें अटकने की वजह

Fri, 20 Oct 2023 02:33 PM IST
Anand Pawar आनंद पवार
Updated Fri, 20 Oct 2023 02:33 PM IST
सार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस को पटखनी देने में भाजपा ने प्रत्याशी उतारने में माइंड खेम खेला है। यही वजह है कि प्रत्याशियों के एलान में कांग्रेस पर बढ़त बनाने के बावजूद 94 सीटों पर पार्टी ने अपने पत्ते नहीं खोले।

विज्ञापन
MP Election 2023: BJP played mid game of wait and watch to patkhani Congress, know the reason for 94 seats stu
भाजपा-कांग्रेस - फोटो : Social Media

विस्तार

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 17 नवंबर को मतदान है। 21 अक्टूबर से नामांकनअधिसूचना जारी हो जाएगी। इससे पहले कांग्रेस ने 230 में से 229 सीटों पर अपने प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। आमला सीट निशा बांगरे के लिए होल्ड कर  रखी है। वहीं, अगस्त में पहली सूची जारी करने वाली भाजपा कांग्रेस से प्रत्याशी उतारने में पिछड़ गई है। भाजपा ने अपने 136 ही उम्मीदवार उतारे है। अभी 94 प्रत्याशियों के नाम का एलान होना बाकी है। इसमें 67 विधायक शामिल है। इसके पीछे की वजह भाजपा की एक-एक सीट पर तैयार की गई रणनीति बताई जा रही है। पार्टी ने कांग्रेस को पटखनी देने के लिए प्रत्याशी उतारने में माइंड गेम खेला है। 
विज्ञापन


सबसे पहले हारी सीटों पर उतारे प्रत्याशी 
कांग्रेस ने चुनाव की तारीखों के एलान के दो से तीन महीने पहले 66 लगातार हारती आ रही सीटों पर प्रत्याशी उतारने की बात कही थी, लेकिन इसमें भाजपा कांग्रेस से आगे निकल गई। भाजपा ने 17 अगस्त को लगातार हारती हा रही 39 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए। इसके कुछ दिन बाद लगातार हारती आ रही कुछ और सीटों पर प्रत्याशियों का एलान कर दिया। इससे प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार करने दो महीने ज्यादा का समय मिल गया। साथ ही पार्टी को टिकट कटने से विरोध और असंतोष उभरने के डैमेज कंट्रोल करने का भी ज्यादा समय मिल गया।  
विज्ञापन


दिग्गजों को उतार सभी क्षेत्रों को बैलेंस किया
भाजपा ने तीसरी सूची में तीन केंद्रीय मंत्री समेत सात सांसदों को चुनाव मैदान में उतार कर सबको चौंका दिया। इसमें कई सीएम पद के दावेदार भी शामिल है। इससे नाराज कार्यकर्ताओं में उनके क्षेत्र के नेता के सीएम बनने की उम्मीद जगी और वह पार्टी के काम में एक्टिव हो गए। साथ ही यह मैसेज भी गया कि उनके नेता ज्यादा सीटों से जीतेंगे तो वह सीएम बनेंगे। दूसरा पार्टी ने बढ़े नेताओं के चुनाव मैदान में उतार कर सभी क्षेत्र को बैलेंस किया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पांचवीं सूची में वेट एंड वॉच की रणनीति 
भाजपा के अभी 94 प्रत्याशियों के नामों पर घोषणा बाकी है। इसमें 8 मंत्री और 67 विधायकों की सीट पर निर्णय होना है। क मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने स्वास्थ्य कारणों से चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। मध्य प्रदेश को लेकर भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक दो बार टल चुकी हैं। इसके पीछे की वजह कांग्रेस की सूची का इंतजार बताया जा रहा है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पाचवीं सूची में सर्वे रिपोर्ट के अनुसार करीब दो दर्जन विधायकों और चार से पांच मंत्रियों के टिकट खतरे में है। इनके टिकट कटते है तो बड़ी संख्या में बगावत हो सकती है। अब कांग्रेस के प्रत्याशियों के एलान से बगावत और विरोध बड़े स्तर पर नहीं होने का अनुमान है। वहीं, यदि कोई निर्दलीय या किसी तीसरे दल से लड़ता है तो उतना नुकसान नहीं होगा। इससे पार्टी डैमेज कंट्रोल भी कर लेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed