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MP Election 2023: भाजपा और कांग्रेस की नजर जीतने की संभावना वाले बागी और निर्दलियों पर
Tue, 28 Nov 2023 08:07 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Tue, 28 Nov 2023 08:07 PM IST
सार
प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही जीतने की संभावना वाले बागी और निर्दलियों को साधने में जुट गए हैं।
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भाजपा और कांग्रेस
- फोटो : logo
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विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए तीन दिसंबर को मतगणना है। इससे पहले दोनों ही राजनीतिक दल अपनी अपनी जीत की दावे कर रहे हों, लेकिन दोनों ही दलों के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल जीत की संभावना वाले बागी और निर्दलियों से संपर्क करने में जुट गए हैं। दोनों ही दलों के कई नेता टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर दूसरे दलों से या निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें से कुछ के चुनाव जीतने की संभावना है। ऐसे बागियों से भाजपा और कांग्रेस ने संपर्क करना शुरू कर दिया है।
भाजपा के बागियों से संपर्क कर रही कांग्रेस
कांग्रेस अपनी पार्टी के बागियों के साथ ही भाजपा के बागियों से भी संपर्क कर रही हैं। इसके लिए उनके परिचितों से संदेश पहुंचाने की चर्चा है। कांग्रेस सत्ता में आने पर सरकार को स्थिरता देने के लिए इन जितने वाले विधायकों का समर्थन लेना चाहती हैं। वहीं, पार्टी अपने विधायकों को भी एकजुट रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। दरअसल, 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कई विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी।
भाजपा भी दूसरे समीकरण पर कर रही काम
वहीं, भाजपा ने भी जीतने वाले अपने बागियों से बातचीत शुरू कर दी है, ताकि बहुमत के लिए जरूरत पड़े तो किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आए। इसके अलावा कांग्रेस के भी कुछ नेताओं से संपर्क में है। जिन्होंने 2022 में राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को वोट किया था। भाजपा किसी भी कीमत पर अपनी सत्ता को बरकरार रखना चाहती है।
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भाजपा और कांग्रेस के ये बागी लड़ रहे चुनाव
आलोट- पूर्व सांसद प्रेमचंद्र गुड्डू- निर्दलीय
नागोद- पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह - बीएसपी
महू- अंतर सिंह दरबार- निर्दलीय
बड़नगर- राजेंद्र सिंह सोलंकी- निर्दलीय
सीधी- विधायक केदार शुक्ला,
मुरैना- राकेश रूस्तम सिंह,
चाचौड़ा- पूर्व विधायक ममता मीणा,
टीकमगढ़- पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव,
अटेर- पूर्व विधायक मुन्ना सिंह भदौरिया,
लहार- पूर्व विधायक रसाल सिंह
बुरहानपुर- हर्ष सिंह चौहान
होशंगाबाद- भगवती सिंह चौरे
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भाजपा के बागियों से संपर्क कर रही कांग्रेस
कांग्रेस अपनी पार्टी के बागियों के साथ ही भाजपा के बागियों से भी संपर्क कर रही हैं। इसके लिए उनके परिचितों से संदेश पहुंचाने की चर्चा है। कांग्रेस सत्ता में आने पर सरकार को स्थिरता देने के लिए इन जितने वाले विधायकों का समर्थन लेना चाहती हैं। वहीं, पार्टी अपने विधायकों को भी एकजुट रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। दरअसल, 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कई विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिर गई थी।
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भाजपा भी दूसरे समीकरण पर कर रही काम
वहीं, भाजपा ने भी जीतने वाले अपने बागियों से बातचीत शुरू कर दी है, ताकि बहुमत के लिए जरूरत पड़े तो किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आए। इसके अलावा कांग्रेस के भी कुछ नेताओं से संपर्क में है। जिन्होंने 2022 में राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को वोट किया था। भाजपा किसी भी कीमत पर अपनी सत्ता को बरकरार रखना चाहती है।
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भाजपा और कांग्रेस के ये बागी लड़ रहे चुनाव
आलोट- पूर्व सांसद प्रेमचंद्र गुड्डू- निर्दलीय
नागोद- पूर्व विधायक यादवेंद्र सिंह - बीएसपी
महू- अंतर सिंह दरबार- निर्दलीय
बड़नगर- राजेंद्र सिंह सोलंकी- निर्दलीय
सीधी- विधायक केदार शुक्ला,
मुरैना- राकेश रूस्तम सिंह,
चाचौड़ा- पूर्व विधायक ममता मीणा,
टीकमगढ़- पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव,
अटेर- पूर्व विधायक मुन्ना सिंह भदौरिया,
लहार- पूर्व विधायक रसाल सिंह
बुरहानपुर- हर्ष सिंह चौहान
होशंगाबाद- भगवती सिंह चौरे
