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मध्यप्रदेश : 2013 के प्रत्याशियों की शिक्षा चौंका देगी आपको, जानिए कौन कितना पढ़ा-लिखा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Updated Sat, 15 Sep 2018 10:23 AM IST
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राजनीतिक पार्टियां शिक्षा को भले ही चुनावी मुद्दा बना लें लेकिन सही मायनों में उनका ध्यान खुद के प्रत्याशी की शिक्षा पर भी नहीं होता है। पिछली बार के विधानसभा चुनाव में 683 प्रत्याशियों ने नामांकन के माध्यम से अपनी शिक्षा संबंधी जानकारी दी थी। इनमें से 24 प्रत्याशी तो ऐसे थे जो सिर्फ साक्षर थे यानि जिन्हें सिर्फ अपना नाम लिखना और पढ़ना आता था।
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इतना ही नहीं इनमें से 300 प्रत्याशियों की संख्या ऐसी थी जो बारहवीं तक पढ़े हुए थे और इसके आगे की पढ़ाई वो किन्हीं कारणों से पूरी नहीं कर सके थे। यह आंकड़े किसी एक पार्टी के नहीं है इनमें तीनों भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी शामिल है।
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वहीं साक्षर उम्मीदवारों की बात की जाए तो इनकी संख्या कुल 24 थी, इनमें 5 भाजपा, 1 कांग्रेस और 18 बसपा से थे। पांचवीं पास उम्मीदवारों की संख्या कुल संख्या 41 थी, इनमें 6 भाजपा, 12 कांग्रेस और 23 बसपा के थे। अब बात करते हैं आठवीं पास उम्मीदवारों की जिनकी कुल संख्या 37 थी, इनमें से 6 भारतीय जनता पार्टी, 8 कांग्रेस से और 23 बसपा से थे। दसवीं पास करने वाले कुछ उम्मीदवारों की संख्या 71 थी और इनमें 18 भाजपा से 26 कांग्रेस से और 27 बसपा से थे। 12वीं पास करने वाले कुल उम्मीदवारों की संख्या 127 थी, इनमें 41 भाजपा, 37 कांग्रेस और 49 बसपा से थे।
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683 में से 37 यानि 55 प्रतिशत प्रत्याशी ही ऐसे थे जिन्होंने स्नातक या उससे अधिक शिक्षा ग्रहण की थी। पेशेवर स्नातक की कुल संख्या 77 थी, इनमें 34 भाजपा, 30 कांग्रेस और 13 बहुजन समाज पार्टी से थे। डॉक्टरेट की कुल संख्या 10 थी, इनमें 4 भाजप से 6 कांग्रेस से थे। 683 उम्मीदवारों में बसपा का एक उम्मीदवार तो ऐसा था जो निरक्षर था।
भारत में चुनाव लड़ने के लिए शिक्षित होना जरूरी नहीं है। यहीं कारण है कि हर बार ऐसे जनप्रतिनिधियों का चुनाव हो जाता है जो किसी विषय को पूरी तरह से नहीं समझते हैं। पार्टियां व्यक्ति के प्रभाव, जाति और क्षेत्रवाद के आधार पर टिकट का वितरण कर देतीं हैं।
