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मुरैना से सीएम की सौगात: धनतेरस पर ग्रामीणों को मिला मकानों का मालिकाना हक, सरकार ने उठाया रजिस्ट्री का खर्च
Fri, 06 Nov 2026 07:36 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरैना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुरैना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 06 Nov 2026 07:36 PM IST
सार
धनतेरस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुरैना के करुआ गांव से ग्रामीण मकानों की नि:शुल्क रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत की। सरकार ने प्रदेश में 50 लाख रजिस्ट्रियां कराने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों को मालिकाना दस्तावेज सौंपे और बेहतर कार्य करने वाले पटवारियों को सम्मानित किया।
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मुरैना में हितग्राही से बात करते सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गांवों में मकान होने के बावजूद उसका पक्का कानूनी दस्तावेज नहीं होने से ग्रामीण परिवारों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। जरूरत पड़ने पर वे अपने मकान के आधार पर बैंक से कर्ज भी नहीं ले पाते थे। अब प्रदेश सरकार ऐसे परिवारों को उनके मकानों का कानूनी मालिकाना हक दिलाने के लिए 50 लाख नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मुख्यमंत्री रजिस्ट्री योजना के तहत रजिस्ट्री का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुरैना जिले के ग्राम करुआ में इस अभियान की शुरुआत की।
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धनतेरस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन बटन दबाकर योजना का शुभारंभ किया और हितग्राहियों से बातचीत कर जाना कि पक्की रजिस्ट्री मिलने से उन्हें क्या फायदा होगा। ग्रामीणों ने बताया कि अब उनके पास मकान के कानूनी दस्तावेज होंगे, जिससे भविष्य में बैंक से ऋण लेने और आर्थिक जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। हितग्राही अतर सिंह ने बताया कि उनके मकान की करीब 89 हजार रुपये की रजिस्ट्री का खर्च भी सरकार ने उठाया है। उन्हें इसके लिए कोई पैसा नहीं देना पड़ा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद से गांवों में लोगों के लिए अपने मकानों की पक्की रजिस्ट्री कराना बड़ी चुनौती रहा है। लोग अपनी जमीन पर लाखों रुपये खर्च कर मकान बना लेते थे, लेकिन उनके पास उसका पंजीकृत दस्तावेज नहीं होता था। इससे संपत्ति होने के बावजूद उन्हें बैंक से कर्ज लेने में परेशानी होती थी। अब सरकार ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का पूरा कानूनी अधिकार दिला रही है।
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बच्चों के भविष्य में भी काम आएंगे मकान के दस्तावेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि रजिस्ट्री केवल वर्तमान में मकान का मालिकाना हक देने तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में यही दस्तावेज बच्चों के लिए भी उपयोगी होंगे। वे पढ़ाई के बाद डॉक्टर, इंजीनियर या कारोबारी बनकर अपना अस्पताल, नर्सिंग होम या दूसरा व्यवसाय शुरू करना चाहेंगे तो बैंक से ऋण लेने में इन दस्तावेजों से मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिन गांवों में 80 से 100 प्रतिशत तक रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं, वहां मंत्री, विधायक और अधिकारी पहुंचकर हितग्राहियों को दस्तावेज बांट रहे हैं। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
200 से ज्यादा रजिस्ट्री कराने वाले पटवारियों का सम्मान
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रजिस्ट्री अभियान में बेहतर काम करने वाले पटवारियों और तहसीलदारों को सम्मानित किया। 200 से अधिक रजिस्ट्रियां कराने वाले पटवारियों को विशेष रूप से सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री ने पटवारी मुकेश तिवारी और विवेक सिकरवार से अभियान के अनुभव भी जाने। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पंजीकृत दस्तावेज मिलने से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के नए अवसर मिलेंगे। वे अपनी संपत्ति के आधार पर नियमानुसार बैंक से ऋण लेने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने ग्राम करुआ के प्राथमिक स्कूल को माध्यमिक स्कूल में उन्नत करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सरकार किसान कल्याण वर्ष में खेती के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। 25 गाय या भैंस खरीदने पर करीब 40 लाख रुपये के निवेश में 10 लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान है। सरकार चाहती है कि किसान खेती के साथ दूध उत्पादन से भी अपनी आमदनी बढ़ाएं।
