'अभी शादी कराओ'...: जिद में 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया नाबालिग, 4 घंटे बाद उतरा नीचे; पुलिस के पसीने छूटे
दमोह के नीमखेड़ा में 17 वर्षीय नाबालिग शादी की जिद में 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। चार घंटे की समझाइश के बाद वह नीचे उतरा। इससे पहले भी दो माह पहले वह इसी मांग को लेकर टावर पर चढ़ चुका था।
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दमोह जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के नीमखेड़ा गांव में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब 17 वर्षीय एक नाबालिग शादी की जिद में करीब 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। परिजनों ने उसे टावर पर देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उसे नीचे उतरने के लिए समझाने लगे।
करीब चार घंटे तक पुलिस, प्रशासन और परिजन नाबालिग को समझाते रहे। उसके पास मोबाइल फोन था और परिजन लगातार उससे फोन पर बात करते रहे। वह शादी कराने की मांग पर अड़ा रहा। आखिरकार सुबह करीब 11:10 बजे अधिकारियों की समझाइश के बाद वह सुरक्षित टावर से नीचे उतर आया। इसके बाद अधिकारियों ने उससे बातचीत की और उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
दो माह पहले भी चढ़ा था टावर
जानकारी के अनुसार, करीब दो माह पहले भी नाबालिग इसी मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। उस समय रजपुरा थाना पुलिस और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर उसे समझाया था, जिसके बाद वह नीचे उतर आया था। इसके बाद दोबारा ऐसी स्थिति नहीं बनने की उम्मीद थी, लेकिन बुधवार को उसने फिर वही कदम उठा लिया।
गुजरात में मजदूरी के दौरान हुआ था प्रेम
परिजनों के मुताबिक, नाबालिग कुछ समय पहले परिवार के साथ गुजरात मजदूरी करने गया था। वहीं उसकी पहचान एक नाबालिग लड़की से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। करीब 15 दिन पहले वह लड़की को अपने साथ गांव ले आया था। इसकी जानकारी मिलने पर लड़की के परिजनों ने गुजरात पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस के साथ पहुंचे परिजन लड़की को वापस अपने साथ गुजरात ले गए। लड़की के जाने के बाद से नाबालिग उससे शादी करने की जिद पर अड़ा हुआ है। इसी वजह से वह पहले भी मोबाइल टावर पर चढ़ चुका था। बुधवार को उसने एक बार फिर टावर पर चढ़कर अपनी मांग मनवाने की कोशिश की।
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अधिकारियों ने कानून समझाया
मौके पर पहुंचे रजपुरा थाना प्रभारी शिवनारायण यादव और बटियागढ़ तहसीलदार योगेंद्र चौधरी सहित अन्य अधिकारियों ने नाबालिग को समझाया कि लड़की अभी नाबालिग है, इसलिए कानूनी रूप से विवाह संभव नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि दोनों के बालिग होने के बाद ही विवाह के संबंध में कोई निर्णय लिया जा सकता है। परिजन भी लगातार मोबाइल फोन के जरिए उसे नीचे उतरने की अपील करते रहे। काफी देर तक चली समझाइश के बाद वह मान गया और सुरक्षित नीचे उतर आया।
ग्रामीणों की लगी भीड़
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को टावर से दूर रखा। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और प्रशासन ने नाबालिग को सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद अधिकारियों ने नाबालिग और उसके परिजनों को कानून के प्रावधानों की जानकारी देते हुए समझाइश दी।
