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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Minister of State Ramkhelawan Patel arrives to meet BJP leader lodged in Satna Central Jail

Satna: बिना अनुमति के जेल में बंद बीजेपी नेता से मिलने पहुंचे राज्यमंत्री, खाने-पीने का सामान भी ले गए

Thu, 03 Nov 2022 04:46 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 03 Nov 2022 04:46 PM IST
सार

मध्यप्रदेश में सतना जिले के बहुचर्चित रामनगर गोली कांड मामले का फैसला 20 साल बाद आया है। मामले में बीजेपी नेता अरुण द्विवेदी समेत 65 लोग नामजद आरोपी बनाए गए थे। वहीं, गुरुवार को अचानक इन कैदियों से मिलने राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल सतना सेंट्रल जेल पहुंच गए, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।

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Minister of State Ramkhelawan Patel arrives to meet BJP leader lodged in Satna Central Jail
राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

20 साल पहले हुए सतना के रामनगर गोलीकांड का बीते दिन यानी बुधवार को फैसला आया, जिसमें 49 आरोपियों को कोर्ट ने 7-7 साल की सजा सुनाई। सभी आरोपी सतना सेंट्रल जेल में बंदी हैं। गुरुवार को अचानक इन कैदियों से मिलने राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल सतना सेंट्रल जेल पहुंच गए, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।

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बता दें कि दिलचस्प बात यह रही कि मंत्री जी अकेले नहीं बल्कि अपने साथ उन कैदियों के लिए खाद्य और अन्य सामग्री भी लाए थे, जिन्हें माननीय न्यायालय ने दोसी करार देकर कड़ी सजा सुनाई है। मामले पर जब उनसे सवाल किया गया तो मंत्री जी गोल-मोल जबाब देते नजर आए और गोलीकांड के मुल्जिमों से मिलने पहुंचने की बात से इनकार कर दिया। उन्होंने अचानक जेल पहुंचने का कारण भी घुमाकर बताया। उन्होंने कहा कि वे जेल का निरीक्षण करने पहुंचे हैं, जबकि उनके साथ जिले का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था, बिना किसी प्रोटोकाल के निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री जी ने कहा कि वे व्यवस्थाओं का जायजा करने आए थे।

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Minister of State Ramkhelawan Patel arrives to meet BJP leader lodged in Satna Central Jail
बीजेपी नेता से मिलने पहुंचे राज्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद 15 महीने जेल में सजा काट चुके हैं। इसलिए जेल से उनका पुराना नाता है। जब भी उन्हें जेल की याद आती है वे चले आते हैं। बिना कोई पूर्व सूचना के जेल पहुंचने के सवाल पर बताया गया कि उन्होंने सतना कलेक्टर को मौखिक सूचना दी थी। मामले पर नियमों की बात करें तो सिर्फ शासकीय समदर्शक ही जेल का निरीक्षण कर सकते हैं।

साथ ही जिस क्षेत्र में जेल है, उस क्षेत्र के विधायक और सांसद को ही निरीक्षण का अधिकार होता है। शेष को कलेक्टर या अन्य विधिक अधिकारियों से या शासन से अनुमति लेने के बाद ही निरीक्षण का अधिकार होता है। इस बात से जेल अधिकारी भी इत्तफाक तो रखते हैं। लेकिन मंत्री जी के इस निरीक्षण को उन्होंने कलेक्टर को मौखिक आदेश देने की बात कहकर खुद को किनारे कर लिया।

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