MP News: रामराज्य स्थापना यात्रा पहुंची मंदसौर, अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैलाश विजयवर्गीय हुए शामिल
MP News: महामंडलेश्वर स्वामी मधुसुदनानंदजी महाराज की अगवाई में राम राज्य स्थापना यात्रा आज मंदसौर पहुंची। इस यात्रा में अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रविन्द्र पूरी, कैलाश आश्रम काशी के पीठाधीश्वर अशुतोषानंद जी महाराज सहित करीब 200 संतों की टोली के साथ नगरिया प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी शामिल हुए। शहर वासियों ने यात्रा का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
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राम राज्य स्थापना यात्रा स्वामी मधुसुदानंद जी द्वारा रतलाम जिले के गांव सेमलिया के मांअन्नपूर्णा धाम से अयोध्या नगरी तक निकाली जा रही है। जो लगभग एक सप्ताह में अयोध्या पहुंच जाएगी। मधुसुदानंद महाराज ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीरामजी की मूर्ति की स्थापना नहीं हो रही, बल्कि संपूर्ण विश्व में रामराज्य की स्थापना हो रही है। मंदसौर नगर में रामराज्य यात्रा ने दोपहर 1:00 बजे महाराणा प्रताप बस स्टैंड से नगर में प्रवेश किया। यात्रा बीपीएल चौराहा गांधी चौराहा बस स्टैंड घंटाघर सदर बाजार होते हुए पशुपतिनाथ मंदिर पहुंची, यहां धर्मसभा का आयोजन किया गया।
राम के अस्तित्व पर सवाल खड़ने वालों की राम मंदिर के प्रति क्या आस्था होगी: विजयवर्गीय
श्रीराम राज्य स्थापना जन जागरण यात्रा में शामिल होने आए प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पूरा देश राममय है। हर घर में राम आएंगे गूंज रहा है। कुल मिलाकर 550 वर्षों बाद भगवान राम अपने महल में प्रवेश करेंगे और इसका उत्साह सबको है। उन्होंने पत्रकारों के सवाल पर कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा की कांग्रेस पहले भी भगवान राम के अस्तित्व को नकार चुकी है।
उन्होंने कोर्ट में एफिडेबिट दिया है कि भगवान राम कभी हुए ही नहीं, रामचरित मानस एक उपन्यास है। जब इस प्रकार की जिस दल की मानसिकता हो जिस दल के नेता की मानसिकता हो उसकी राम मंदिर के प्रति क्या आस्था होगी। इसका जवाब आने वाले समय में जनता उनको देगी। राहुल गांधी की न्याय यात्रा पर विजयवर्गीय ने कहा की राहुल गांधी को उनके घर में ही न्याय यात्रा निकालनी चाहिए, क्योंकि उनके घर में ही उनको न्याय नहीं मिला।
धर्माचार्यों के बीच में किसी प्रकार की कटुता नहीं होनी चाहिए: रविंद्रपुरी जी महाराज
वहीं, श्री राम राज्य स्थापना यात्रा में शामिल अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्रपुरी जी महाराज ने कहा कि चारों शंकराचार्य ने प्रतिष्ठा महोत्सव में आने से मना किया यह निजी कारण है, उन्होंने राम मंदिर के निर्माण का विरोध नहीं किया है। जहां तक भद्रिका आश्रम पीठ के शंकराचार्य का मामला है, वह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट में इसलिए वहां के लिए वास्तविकता में कहा नहीं जा सकता की वहां शंकराचार्य जी कौन है। उनका जो बयान है मेरी दृष्टि से उनको इससे बचना चाहिए था। ये एक ऐसा पर्व है जो 500 वर्षों के बाद आया है। इस समय धर्माचार्यों के बीच में किसी प्रकार की कटुता नहीं होनी चाहिए। उनके शब्दों का जनता पर प्रभाव पड़े ऐसी भाषा को बोलने से बचाना चाहिए।
रामराज्य में वे लोग मंथरा की भूमिका में है जो विरोध कर रहे है: महामंडलेश्वर असुतोषानंद महाराज
श्री राम राज्य स्थापना यात्रा में शामिल कैलाश आश्रम वाराणसी के महामंडलेश्वर असुतोषानंद महाराज ने ज्ञानवापी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने के मामले में रोक पर कहा की यह बहोत अच्छा निर्णय है, क्योंकि सभी सनातनियों का ध्यान इस समय राम मंदिर पर है। एक फंक्शन पहले पूरा हो जाए फिर दूसरी तरफ ध्यान जाना चाहिए। कोई विघ्न ना आ जाए, इसलिए सार्वजनिक फैसले को रोका जाना अच्छा निर्णय है। कांग्रेस द्वारा अयोध्या के निमंत्रण को ठुकराने पर उन्होंने कहा कि वो लोग मानते ही नहीं की वो हिंदू है। वो सनातनी है जो लोग सनातन के दुश्मन है। ये लोग सनातन को डेंगू मलेरिया कहते है, वो सनातन की प्रतिष्ठा केसे सह सकते है। मैं कहता हूं कि रामराज्य में ये लोग मंथरा है।
