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मंदसौर: मैट्रिमोनियल साइट से ठगी का पाकिस्तानी कनेक्शन, क्रिप्टो से भेज रहे थे पैसा, केंद्रीय एजेंसियां अलर्ट

Thu, 01 Oct 2026 09:51 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर Published by: प्रिया वर्मा Updated Thu, 01 Oct 2026 09:51 AM IST
सार

मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए ठगी करने वाले गिरोह पर महंगे गिफ्ट और कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर लोगों से रकम ऐंठकर उसे क्रिप्टो के जरिये पाकिस्तान भेजे जाने का आरोप है। पुलिस अब क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और डिजिटल नेटवर्क की जांच कर रही है।

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Mandsaur: Pakistani Link in Matrimonial Site Fraud, Money Sent via Crypto; Central Agencies Alert
मामले की जानकारी देते डीआईजी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के मालवांचल में साइबर ठगी का एक ऐसा खौफनाक और हैरान करने वाला सच सामने आया है, जिसने देश की सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक हाई-प्रोफाइल फ्रॉड सिंडिकेट के तार सीधे सरहद पार पाकिस्तान से जुड़े मिले हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से पूरे प्रदेश में पुलिस महकमा हाई अलर्ट पर आ चुका है।
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शादी का झांसा और ठगी का पाकिस्तानी खेल
मामला मंदसौर जिले के शामगढ़ इलाके का है, जहां पुलिस ने मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स के जरिए लोगों को अपना शिकार बनाने वाले शातिर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया था लेकिन जब पुलिस ने इस नेटवर्क की परतें उधेड़ीं, तो जो सच सामने आया उसने सबको सन्न कर दिया।
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जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का मास्टर माइंड 'टोनी' नाम का शख्स है। यह शातिर ठग मासूम लोगों को महंगे गिफ्ट और कस्टम क्लीयरेंस के नाम पर चूना लगाता था और ठगी गई काली कमाई को सीधे क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पाकिस्तान ट्रांसफर कर रहा था। यानी मध्य प्रदेश के लोगों की गाढ़ी कमाई का इस्तेमाल देशविरोधी गतिविधियों या हवाला चैनलों को मजबूत करने के लिए किया जा रहा था।
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रतलाम डीआईजी ने खुद की पूछताछ
मामले की नजाकत और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल खुद मैदान में उतर आए हैं। डीआईजी अग्रवाल ने गिरफ्तार आरोपियों से थाने में लंबी और गहन पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक ठगों को हर एक निर्देश सीमा पार यानी पाकिस्तान से मिल रहे थे। वे बेहद हाई-टेक तरीकों से अपने सुराग छिपाते थे लेकिन एमपी पुलिस की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।


अब सेंट्रल एजेंसियों की इंट्री
मध्य प्रदेश पुलिस अब इस पाकिस्तानी कनेक्शन को लेकर पूरी तरह से फूंक-फूंककर कदम रख रही है। मंदसौर पुलिस जल्द ही इस मामले में नेशनल सिक्योरिटी और तमाम केंद्रीय नोडल एजेंसियों से औपचारिक संपर्क साधेगी। साथ ही पुलिस अब आरोपियों के क्रिप्टो-वॉलेट और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगालने में जुटी है ताकि यह पता चल सके कि पाकिस्तान में यह पैसा किसके पास और किन खातों में पहुंच रहा था।

डीआईजी निमिष अग्रवाल का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। साइबर ठगी के इस जाल के तार सरहद पार तक फैले हुए हैं। हर एक कड़ी को बारीकी से खंगाला जा रहा है और जल्द ही इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के हर मोहरे को बेनकाब किया जाएगा।
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