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Mandsaur: 48 घंटों में चार इंच से ज्यादा बारिश, गांधीसागर बांध के 12 गेट खोले, निचले इलाकों में अलर्ट जारी
Mon, 18 Sep 2023 08:29 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंदसौर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 18 Sep 2023 08:29 AM IST
सार
गांधीसागर बांध के कैचमेंट एरिए में 4 लाख 16 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। वहीं, बांध से 2 लाख 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिसको लेकर बांध के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
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मंदसौर के गांधीसागर बांध के गेट खोले गए।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
मंदसौर जिले में शुक्रवार से लगातार बारिश का दौर जारी है। इसके चलते जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं। नदी-नालों में आए उफान की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी पुल पुलियाओं पर बाढ़ का पानी आने से शहरी क्षेत्र से संपर्क टूट गया। इससे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांधीसागर डैम में पानी की अत्यधिक आवक होने की वजह से 12 गेट खोलना पड़े।
जिले में पिछले 48 घंटों में 4.22 इंच बारिश दर्ज की गई है, यह आंकड़ा रविवार सुबह 8 बजे तक का है। रविवार दिनभर रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। जिले के सीतामऊ क्षेत्र में चंबल नदी किनारे बसे भगोर गांव में भी चंबल में पानी की आवक को देखते हुए लगभग 50 घरों प्रशासन ने खाली करवा लिया है। मंदसौर में शिवना नदी पर बने कालाभाटा डैम के 5 गेट 6 फुट तक खोल दिए गए थे। बीते 48 घंटों में सबसे ज्यादा भावगढ़ 4, धुंधडका 3 और मंदसौर शहर में 3 इंच बारिश दर्ज की गई है।
अलर्ट जारी
चंबल नदी पर बनी एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील गांधीसागर बांध के कैचमेंट एरिए में 4 लाख 16 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। वहीं, बांध से 2 लाख 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिसको लेकर बांध के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। मध्यप्रदेश में चंबल बेल्ट में हो रही बारिश की वजह से गांधी सागर बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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शिवना नदी में उफान से बिल्लोद नाहरगढ़ मार्ग का संपर्क टूटा
शिवना नदी पर ग्राम बिल्लोद नाहरगढ़ मार्ग पर बनी पुलिया कल दोपहर से जलमग्न होने से 30 घंटे से इस मार्ग पर आवागमन रहा। बिल्लोद पुलिया पर पानी होने से बिल्लोद,हींगौरिया बडा, खेडा, खुटी, खात्याखेडी का नाहरगढ़ से संपर्क टूट गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो उत्तरी बंगाल की खाड़ी और निकटवर्ती ओडिशा तट के आसपास लो प्रेशर एरिया, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। और मानसून ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इसकी वजह से लगातार बारिश हो रही है। 18 सितंबर को दिन में सिस्टम गुजरात की तरफ मूव करेगा। इससे बाद बारिश की एक्टिविटी घटेगी।
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जिले में पिछले 48 घंटों में 4.22 इंच बारिश दर्ज की गई है, यह आंकड़ा रविवार सुबह 8 बजे तक का है। रविवार दिनभर रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। जिले के सीतामऊ क्षेत्र में चंबल नदी किनारे बसे भगोर गांव में भी चंबल में पानी की आवक को देखते हुए लगभग 50 घरों प्रशासन ने खाली करवा लिया है। मंदसौर में शिवना नदी पर बने कालाभाटा डैम के 5 गेट 6 फुट तक खोल दिए गए थे। बीते 48 घंटों में सबसे ज्यादा भावगढ़ 4, धुंधडका 3 और मंदसौर शहर में 3 इंच बारिश दर्ज की गई है।
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अलर्ट जारी
चंबल नदी पर बनी एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील गांधीसागर बांध के कैचमेंट एरिए में 4 लाख 16 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। वहीं, बांध से 2 लाख 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जिसको लेकर बांध के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। मध्यप्रदेश में चंबल बेल्ट में हो रही बारिश की वजह से गांधी सागर बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
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शिवना नदी में उफान से बिल्लोद नाहरगढ़ मार्ग का संपर्क टूटा
शिवना नदी पर ग्राम बिल्लोद नाहरगढ़ मार्ग पर बनी पुलिया कल दोपहर से जलमग्न होने से 30 घंटे से इस मार्ग पर आवागमन रहा। बिल्लोद पुलिया पर पानी होने से बिल्लोद,हींगौरिया बडा, खेडा, खुटी, खात्याखेडी का नाहरगढ़ से संपर्क टूट गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो उत्तरी बंगाल की खाड़ी और निकटवर्ती ओडिशा तट के आसपास लो प्रेशर एरिया, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। और मानसून ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इसकी वजह से लगातार बारिश हो रही है। 18 सितंबर को दिन में सिस्टम गुजरात की तरफ मूव करेगा। इससे बाद बारिश की एक्टिविटी घटेगी।
