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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Mandsaur: Even after recovering 33 lakh in Dodachura case, officers were worried, youth committed suicide

Mandsaur: डोडाचूरा केस में 33 लाख वसूलने के बाद भी अफसर कर रहे थे परेशान, युवक ने दी जान, परिजनों का हंगामा

Mon, 05 Feb 2024 09:54 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, मंदसौर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, मंदसौर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 05 Feb 2024 09:54 PM IST
सार

मंदसौर में युवक की आत्महत्या के बाद हंगामा हो गया। परिजनों ने थाने का घेराव कर दिया। उनका कहना था कि नारकोटिक्स विभाग के अफसर युवक को केस में उलझाने की धमकी देकर वसूली कर रहे थे। इसी से तंग आकर उसने जान दी है। उन पर कार्रवाई की जाए। करणी सेना ने भी धरने में परिजनों का साथ दियाय़ 

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Mandsaur: Even after recovering 33 lakh in Dodachura case, officers were worried, youth committed suicide
युवक की आत्महत्या से आक्रोशित लोगों ने थाने का घेराव कर दिया। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मंदसौर में नारकोटिक्स केस में फंसे युवक की आत्महत्या का मामला गर्मा गया है। आरोप है कि लाखों की वसूली के बाद भी अधिकारी उसे परेशान कर रहे थे। इसलिए उसने जान दी है। करणी सेना और परिजनों ने थाने के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया।
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युवक द्वारा आत्महत्या करने के मामले में केंद्रीय नारकोटिक्स विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष जीवनसिंह शेरपुर व किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द ने सोमवार को नाहरगढ़ थाने का घेराव कर दिया। थाने के सामने शव को रखकर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों व प्रदर्शनकारियों के बीच काफी बहस भी हुई। करीब 4 घंटे तक चले धरने के बाद पुलिस अधिकारियों ने युवक को परेशान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
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जानकारी के अनुसार नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव बाजखेड़ी के युवक कृष्णपालसिंह पिता रुघनाथसिंह राठौर ने सोमवार सुबह 5 बजे पेड़ पर फंदा बनाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक की आत्महत्या से परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों का आरोप है कि गरोठ केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी कृष्णपालसिंह को परेशान कर रहे थे। इसी कारण उसने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या के बाद परिजनों, ग्रामीणों, समाजजनों व किसानों ने विरोध करते हुए शव को पीएम कराने के बजाए नाहरगढ़ पुलिस थाने के सामने रख प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसमें करणी सेना प्रदेश अध्यक्ष जीवनसिंह शेरपुर व किसान नेता श्यामलाल जोकचन्द भी शामिल रहे। 
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शेरपुर व जोकचन्द दोपहर 12 बजे थाने के सामने शव को रखकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान नारेबाजी की, पुलिस अधिकारियों से बहस भी चलती रही। सूचना पर एएसपी गौतमसिंह सोलंकी सहित जिले के अन्य थानों के प्रभारी व पुलिस बल भी पहुंचा। अधिकारियों ने धरना हटाने की कहा, लेकिन विरोध कर रहे शेरपुर, जोकचन्द व परिजनों की मांग थी कि युवक को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वाले नारकोटिक्स अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। बाद में पुलिस अधिकारियों ने युवक को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में दोषी नारकोटिक्स अधिकारियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर शाम 4 बजे धरना हटाया व शव को पीएम के लिए भिजवाया।

ऑडियो, वीडियो क्लिप भी सौंपी
कृष्पालसिंह के परिजनों व मौजूद प्रदर्शनकारियों ने नारकोटिक्स विभाग द्वारा एनडीपीएस एक्ट का केस नहीं बनाने के एवज में मांगी गई रिश्वत की ऑडियो व वीडियो भी पुलिस अधिकारियों को सौंपा व परेशान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज करने की मांग की। अधिकारियों ने दोषी नारकोटिक्स अधिकारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने का आश्वासन दिया, जब जाकर धरना समाप्त हुआ।

33 लाख रुपये देने के बाद भी बनाया जा रहा था दबाव
पुलिस थाने व अधिकारियों को की शिकायत में मृतक की पत्नी इंदुकुँवर, भाई जयपालसिंह, संजयसिंह, प्रेमसिंह ने बताया कि सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो मंदसौर ने कुछ माह पूर्व गांव बाजखेड़ी में डोडाचूरा की सूचना पर दबिश दी थी। इसमें नारकोटिक्स विभाग के संदीप फ़ोजदार, वीएसकुमार, आरएस नेगी, अमन फोगाट, विकास आदि शामिल थे। टीम ने कैंसर पीड़ित नरेंद्रसिंह राठौर उर्फ रोडसिंह के घर पर दबिश दी। घर से महिला को जबरदस्ती थाने ले गए व दबाव डाला कि तुम्हारे पति व देवर को यहां बुलाओ। तभी तुम्हें छोड़ेंगे नहीं तो तुम्हारा केस बना देंगे। महिला को छोड़ने व कृष्णपालसिंह पर केस नहीं बनाने के एवज में नारकोटिक्स अधिकारियों ने 50 लाख रुपये की मांग की। जैसे-तैसे तीन बीघा जमीन बेचकर कृष्णपालसिंह ने 23 लाख रुपए एकत्रित किए व नारकोटिक्स में पदस्थ संदीप फौजदार व विकास राणा को दिए।


घर की रैकी करवा रहे थे नारकोटिक्स अधिकारी 
बाकी राशि 10 से 15 दिनों में देने की बात हुई तो विकास राणा ने धमकी दी कि अभी चालान डायरी बाकी है। बकाया राशि नहीं देने पर महिला पर भी केस बना देंगे व कृष्णपालसिंह पर भी केस बना देंगे। रुपये नही देने पर एक माह बाद संदीप फौजदार ने फिर घर पर दबिश दी, गालियां दी व महिला व बच्चों को डराया और 10 लाख रुपए और ले गए तथा घर पर रखी कार का फोटो ले गए और बोल गए कि इस गाड़ी का भी केस करेंगे। शिकायत में आगे बताया कि नारकोटिक्स के संदीप फौजदार व विकास द्वारा द्वारा आवरी निवासी गोविन्द पिता राजू गुर्जर व लाला पिता दशरथ कुमावत से मेरे घर की रैकी करवाई जा रही थी। धमकी दी जा रही थी कि बाकी राशि नहीं पहुंचाई तो तुम्हें व तुम्हारे परिवार को सड़क पर ला देंगे। रुपए देने के बाद भी संदीप फौजदार व विकास राणा की धमकियों से परेशान होकर कृष्णपालसिंह ने आत्महत्या की है।

मर्ग कायम किया है, जांच के बाद होगी कार्रवाई 
एएसपी गौतम सोलंकी का कहना है पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है। परिजनों के बयान लिए जाएंगे, उसके बाद जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
 
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