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खेलो इंडिया विंटर गेम्स: मैहर की उद्रेका सिंह बनीं भारत की सबसे तेज महिला आइस स्केटर, जीता स्वर्ण पदक
Mon, 26 Jan 2026 09:25 AM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैहर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Mon, 26 Jan 2026 09:25 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के मैहर की उद्रेका सिंह ने 'खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026' में स्वर्णिम इतिहास रचा है। उन्होंने लेह-लद्दाख में 500 मीटर आइस स्केटिंग में 53.94 सेकंड का रिकॉर्ड समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और भारत की सबसे तेज महिला आइस स्केटर बनीं। उनकी इस उपलब्धि ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
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आइस स्केटर उद्रेका सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मैहर मध्य प्रदेश की खेल प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। सतना जिले के मैहर की उभरती हुई खिलाड़ी उद्रेका सिंह ने खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए आइस स्केटिंग में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। लेह-लद्दाख की बर्फीली वादियों में 20 से 26 जनवरी तक आयोजित इन प्रतिष्ठित खेलों में उद्रेका सिंह ने वूमेन लॉन्ग ट्रैक 500 मीटर आइस स्केटिंग स्पर्धा में 53.94 सेकंड का शानदार समय दर्ज करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ ही उद्रेका भारत की अब तक की सबसे तेज महिला आइस स्केटर बन गई हैं।
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कठिन परिस्थितियों में भी दिखाई अद्भुत रफ्तार
लेह-लद्दाख जैसे अत्यंत ठंडे और चुनौतीपूर्ण वातावरण में आइस स्केटिंग करना आसान नहीं होता। माइनस तापमान, फिसलन भरा ट्रैक और तेज हवाएं खिलाड़ियों की परीक्षा लेती हैं। ऐसे हालातों में उद्रेका सिंह ने असाधारण संतुलन, तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास के साथ शानदार प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले में उन्होंने देश की कई अनुभवी और शीर्ष महिला स्केटर्स को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
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मैहर से राष्ट्रीय मंच तक का प्रेरणादायक सफर
छोटे शहर मैहर से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना उद्रेका के लिए आसान नहीं रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने निरंतर अभ्यास, अनुशासन और कठिन मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती
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पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर
उद्रेका की इस ऐतिहासिक जीत से मैहर, सतना सहित पूरे मध्यप्रदेश में खुशी और गर्व का माहौल है। खेल प्रेमियों, स्थानीय नागरिकों और युवा खिलाड़ियों ने उनकी सफलता को प्रदेश की बेटियों के लिए नई दिशा देने वाला बताया है।
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खेल मंत्री ने दी बधाई, बताया युवाओं के लिए प्रेरणा
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उद्रेका सिंह को उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। मंत्री ने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर उद्रेका ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश की बेटियां हर खेल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण कोचिंग, खेल छात्रवृत्ति और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं पर लगातार निवेश कर रही है, ताकि प्रदेश के खिलाड़ी भविष्य में देश और दुनिया में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
युवा खिलाड़ियों के लिए बनीं रोल मॉडल
उद्रेका सिंह की यह सफलता न सिर्फ एक पदक जीतने की कहानी है, बल्कि यह हजारों युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है। उनका संघर्ष और सफलता यह संदेश देती है कि सही मार्गदर्शन और मजबूत संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
