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मध्य प्रदेश: नक्सल प्रभावित जिलों में सामुदायिक पुलिसिंग के तहत होगी युवाओं की तैनाती, वेतन भी देगी सरकार
Thu, 24 Mar 2022 11:38 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Thu, 24 Mar 2022 11:38 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिलों में सरकार सामुदायिक पुलिसिंग का प्रयोग करने जा रही है। नक्सल-प्रभावित जिलों में युवा तैनात किए जाएंगे। उन्हें वेतन भी दिया जाएगा। इसके लिए गृह विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसे जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिलों में सरकार सामुदायिक पुलिसिंग का प्रयोग करने जा रही है। इस योजना के तहत नक्सल-प्रभावित जिलों में युवाओं की तैनाती की जाएगी। उन्हें वेतन भी दिया जाएगा। इसके लिए गृह विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे जल्द ही कैबिनेट के सामने विचारार्थ रखा जाएगा।
प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि नक्सल प्रभावित जिलों के लिए मध्य प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने प्लान तैयार किया है। इसमें सामुदायिक पुलिसिंग के तहत प्रभावित जिलों डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में 5 साल के लिए युवाओं को तैनात किया जाएगा। 150 लोगों को विशेष सहयोगी दस्ता तैयार होगा। डिंडौरी में 40, मंडला में 30 और बालाघाट में 80 सदस्यों को शामिल किया जाएगा। युवाओं को सरकार 25 हजार रुपये प्रति माह वेतन भी देंगी। गृह विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे अब कैबिनेट के सामने लाया जाएगा। सामुदायिक पुलिसिंग व्यवस्था पुलिस के कार्यों में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने का एक तरीका है। इसके तहत एक ऐसा वातावरण तैयार होता है, जिसमें नागरिक समुदाय की सुरक्षा में वृद्धि सुनिश्चित की जाती है।
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प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि नक्सल प्रभावित जिलों के लिए मध्य प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने प्लान तैयार किया है। इसमें सामुदायिक पुलिसिंग के तहत प्रभावित जिलों डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में 5 साल के लिए युवाओं को तैनात किया जाएगा। 150 लोगों को विशेष सहयोगी दस्ता तैयार होगा। डिंडौरी में 40, मंडला में 30 और बालाघाट में 80 सदस्यों को शामिल किया जाएगा। युवाओं को सरकार 25 हजार रुपये प्रति माह वेतन भी देंगी। गृह विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे अब कैबिनेट के सामने लाया जाएगा। सामुदायिक पुलिसिंग व्यवस्था पुलिस के कार्यों में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने का एक तरीका है। इसके तहत एक ऐसा वातावरण तैयार होता है, जिसमें नागरिक समुदाय की सुरक्षा में वृद्धि सुनिश्चित की जाती है।
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