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Madhya Pradesh: हाईकोर्ट के भर्ती आवेदन में थर्ड जेंडर का प्रावधान नहीं, कोर्ट ने दिए अंतिम सुनवाई के निर्देश

Mon, 27 Jun 2022 10:40 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 27 Jun 2022 10:40 PM IST
सार

थर्ड जेंडर नूरी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में 26 अक्टूबर 2021 को नोटिफिकेशन जारी किया था। आवेदन में थर्ड जेंडर का कोई प्रावधान नहीं था। 

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Madhya Pradesh: There is no provision of third gender in the recruitment application of the High Court, the court gave instructions for the final hearing
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईकोर्ट में चतुर्थ वर्ग की भर्ती के लिए आवेदन में थर्ड जेंडर का प्रावधान नहीं होने के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस विशाल मिश्रा ने सरकार की तरफ से जवाब पेश नहीं करने पर अंतिम सुनवाई के निर्देश जारी किए हैं।
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थर्ड जेंडर नूरी की तरफ से दायर की गई याचिका में कहा गया था कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों की भर्ती के संबंध में 26 अक्टूबर 2021 को नोटिफिकेशन जारी किया था। आवेदन ऑनलाइन जमा करना था और अंतिम तिथि 24 नवंबर 2021 थी। याचिकाकर्ता ऑनलाइन आवेदन करने गई तो आवेदन में थर्ड जेंडर का कोई प्रावधान नहीं था। जिसके कारण वह नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पाई।
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 याचिका में कहा गया था कि थर्ड जेंडर भारतीय नागरिक है और संविधान में प्रावधान प्राप्त मूलभूर्त अधिकारों के हकदार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस संबंध में आदेश पारित किए हैं। नौकरी के आवेदन से वंचित किया जाना ट्रांसजेंडर पर्सन प्रोटेक्शन ऑफ राइट एक्ट 2019 के विपरीत है। याचिका की सुनवाई करते हुए पूर्व ने हाईकोर्ट ने नियुक्ति याचिका के अंतिम आदेश के अधीन रखने के निर्देश जारी करते हुए अनावेदकों से जवाब मांगा था। याचिका पर हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि सरकार की तरफ से जवाब पेश नहीं किया गया है। जिसके बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किए। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता संध्या रजक ने पैरवी की। 
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