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मध्य प्रदेश: धामंदा में डेढ़ वर्षीय बेटे चैतन्य ने दी शहीद जितेंद्र को मुखाग्नि, सैनिक सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
Sun, 12 Dec 2021 07:59 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 12 Dec 2021 07:59 PM IST
सार
शहीद जितेंद्र कुमार वर्मा का पार्थिव शरीर रविवार दोपहर गृह ग्राम धामंदा पहुंचा। यहीं उनका अंतिम संस्कार किया गया। डेढ़ वर्षीय बेटे चैतन्य ने मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने परिवार को एक करोड़ रुपए सम्मान निधि देने का एलान किया।
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शहीद जितेंद्र को श्रद्धांजलि देने सीएम सीहोर के गांव धामंदा पहुंचे।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद हुए पैरा कमांडो जितेंद्र कुमार वर्मा की पार्थिव देह सुबह 11 बजे दिल्ली से भोपाल एयरपोर्ट पर पहुंची। यहां से पार्थिव शरीर फूलों से सजे सेना के वाहन में सड़क मार्ग से पैतृक गांव धामंदा के लिए रवाना हुई, जो करीब डेढ़ बजे गांव पहुंची। शहीद के सम्मान में भोपाल से लेकर सीहोर तक जगह-जगह लोगों ने सड़क किनारे खड़े होकर फूल बरसाए। यहीं उनका सैनिक सम्मान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अंतिम संस्कार किया गया। डेढ़ वर्षीय बेटे चैतन्य ने मुखाग्नि दी।
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परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
सीएम ने धामंदा पहुंचकर शहीद के परिजनों से मुलाकात की।
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार दोपहर शहीद को श्रद्धांजलि देने धामंदा गांव पहुंचे। उन्होंने पार्थिव देह को कंधा देने के साथ ही पुष्पचक्र अर्पित किया। उन्होंने यहां दिवंगत नायक जितेंद्र वर्मा के परिवार को राज्य सरकार की ओर से एक करोड़ रुपए की सम्मान निधि देने का एलान किया है। साथ ही उन्होंने पत्नी को सरकारी नौकरी देने के साथ ही अमर शहीद जितेंद्र वर्मा के नाम से स्कूल का नामकरण करने की भी घोषणा की। इसके अलावा गांव में नायक जितेंद्र की प्रतिमा भी लगाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर नायक वर्मा प्रदेश एवं भारत माता के वीर सपूत होने के साथ ही सर्वश्रेष्ठ स्नाइपर थे। उनके परिवार पर हमें गर्व है, जिन्होंने संकट के इस समय का धैर्य से सामना किया। मैं मध्यप्रदेश की समस्त जनता की ओर से नायक श्री वर्मा, सीडीएस विपिन रावत सहित उनकी पूरी टीम को प्रणाम करता हूं।
इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान स्वर्गीय वर्मा के पिता शिवराज वर्मा, माता धापूबाई एवं उनकी पत्नी सुनीता वर्मा से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त कर ढांढस बंधाया। इस मौके पर सांसद रमाकांत भार्गव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री एवं इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, आष्टा विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय, रवि मालवीय ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर नायक वर्मा प्रदेश एवं भारत माता के वीर सपूत होने के साथ ही सर्वश्रेष्ठ स्नाइपर थे। उनके परिवार पर हमें गर्व है, जिन्होंने संकट के इस समय का धैर्य से सामना किया। मैं मध्यप्रदेश की समस्त जनता की ओर से नायक श्री वर्मा, सीडीएस विपिन रावत सहित उनकी पूरी टीम को प्रणाम करता हूं।
इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान स्वर्गीय वर्मा के पिता शिवराज वर्मा, माता धापूबाई एवं उनकी पत्नी सुनीता वर्मा से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त कर ढांढस बंधाया। इस मौके पर सांसद रमाकांत भार्गव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री एवं इछावर विधायक करण सिंह वर्मा, सीहोर विधायक सुदेश राय, आष्टा विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय, रवि मालवीय ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
मुख्यमंत्री ने शहीद को कांधा भी दिया
- फोटो : अमर उजाला
बड़ी संख्या में लोग शहीद के घर पहुंचे। इसके साथ ही हाईवे किनारे खड़े होकर लोगों ने नम आखों से अपने सपूत को विदा किया। एसपी मयंक अवस्थी ने बताया कि अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचने के लिए दो मार्ग बनाए गए थे। इस बीच पैरा कमांडो के घर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी गई थी, ताकि वहां पर भीड़ नहीं हो।
पूरा गांव गमगीन
जितेंद्र के निधन से पूरा गांव दुखी है। शहीद की अंतिम यात्रा की तैयारी में हर ग्रामीण जुटा हुआ। ग्रामीणों ने देश सेवा करते शहीद हुए जवान को सभी ने नम आंखों से विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में फूलों की बारिश हुई।
पूरा गांव गमगीन
जितेंद्र के निधन से पूरा गांव दुखी है। शहीद की अंतिम यात्रा की तैयारी में हर ग्रामीण जुटा हुआ। ग्रामीणों ने देश सेवा करते शहीद हुए जवान को सभी ने नम आंखों से विदाई दी। उनकी अंतिम यात्रा में फूलों की बारिश हुई।
