अंधविश्वास: राजगढ़ में 'देवपरी' बोलीं- जादुई पानी पीने से नहीं होगा कोरोना, पूरा गांव ही उमड़ पड़ा
उन देवपरियों ने ग्रामीणों से अपने ऊपर पानी के छींटे देकर मंदिर का जल पीने को कहा। उन्होंने दावा किया कि यह जल पी लो। किसी को कोरोनावायरस छू भी नहीं सकेगा। इसके अलावा जो लोग कोरोना संक्रमित हैं, वे बिल्कुल ठीक हो जाएंगे। उन्हें दोबारा कभी कोरोना नहीं होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में कोरोना का कहर जितनी तेजी से फैल रहा है, उससे दोगुना ज्यादा घातक अंधविश्वास साबित हो रहा है। दरअसल, देश के कई हिस्सों में लगातार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां लोग अंधविश्वास के चलते कोरोना गाइडलाइंस की धज्जियां सरेआम उड़ाते नजर आए। ताजा मामला मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर ग्राम चाटूखेड़ा का है। यहां अनलॉक होते ही कस्बे के एक मंदिर में कोरोना गाइडलाइन के नियमों को दरकिनार कर दिया और अंधविश्वास के चलते सैकड़ों ग्रामीण एकजुट हो गए।
दो महिलाओं ने खुद को बताया 'देवपरी'
ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार (1 जून) को चाटूखेड़ा मंदिर परिसर में दोपहर करीब 12 बजे गांव की दो महिलाओं ने अपने शरीर में देवपरियों के आने की अफवाह फैला दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में भीड़ एकजुट हो गई। सैकड़ों महिला-पुरुष मंदिर परिसर के बाहर इकट्ठे हो गए।
देवपरियों ने किया था यह दावा
बताया जा रहा है कि उन देवपरियों ने ग्रामीणों से अपने ऊपर पानी के छींटे देकर मंदिर का जल पीने को कहा। उन्होंने दावा किया कि यह जल पी लो। किसी को कोरोनावायरस छू भी नहीं सकेगा। इसके अलावा जो लोग कोरोना संक्रमित हैं, वे बिल्कुल ठीक हो जाएंगे। उन्हें दोबारा कभी कोरोना नहीं होगा।
आग की तरह पूरे कस्बे में फैली खबर
जानकारी के मुताबिक, यह खबर पूरे कस्बे सहित आग की तरह फैल गई। दोपहर तक सैकड़ों लोग वहां एकजुट हो गए। अंधविश्वास इस कदर सिर पर चढ़ा कि लोग में कोरोना का खौफ बिल्कुल नजर नहीं आया। लोगों ने जल पीने के दौरान न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया। इसके अलावा लोग बिना मास्क लगाए नजर आए।
मुनादी करके समझाए गए लोग
यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो पुलिस टीम गांव में पहुंच गई। लोगों की भीड़ को बमुश्किल हटाया गया। इसके बाद पुलिस ने अंधविश्वास फैलाकर भीड़ को इकट्ठा करने के मामले में दो महिलाओं और दो पुरुषों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। वहीं, गांव में मुनादी करके लोगों को समझाया।
