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मप्र पुलिस ने खिलाई 'मुस्कान': 30 दिन में ढूंढीं 2444 लापता लड़कियां, निपटाए 3122 मामले

Wed, 10 Feb 2021 06:52 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: प्रियंका तिवारी Updated Wed, 10 Feb 2021 06:52 PM IST
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mp police rescue girls in january 2021 news traced 2444 missing minor girls
मध्यप्रदेश पुलिस ने 2400 से अधिक अपहृत लड़कियों का पता लगाया - फोटो : अमर उजाला

मध्यप्रदेश पुलिस ने एक अभियान के तहत बड़ी संख्या में लापता हुईं और अपहृत नाबालिग लड़कियों को तलाशने में कामयाबी पाई है। इस संबंध में बुधवार को मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि इन लड़कियों की तलाश में चलाए गए अभियान ‘‘मुस्कान’’ के तहत  जनवरी के अंत में 2,444 नाबालिग लड़कियों को बचाया गया है।

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अपहृत लड़कियों के कुल 3,122 मामले लंबित थे

बताया जा रहा है कि जनवरी माह के अंत में लापता और अपहृत लड़कियों के कुल 3,122 मामले लंबित थे। ऐसे में अभियान को जनवरी में शुरू किया गया और इसके तहत 2,444 लापता और अपहृत लड़कियों को मध्यप्रदेश और प्रदेश के बाहर से बचाया गया। अधिकारी ने कहा कि इसमें इंदौर की 175 बालिकाएं, सागर की 144, धार की 115, रीवा की 107 एवं छतरपुर की 102 बालिकाओं को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

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82 फीसदी लापता या अपहृत लड़कियां प्रदेश में ही मिलीं

उन्होंने बताया कि अभियान के तहत करीब 82 फीसदी लापता या अपहृत लड़कियां प्रदेश में ही मिल गईं जबकि बाकी अन्य राज्यों में मिलीं। अधिकारी के अनुसार, ‘‘पंजाब से 141, तेलंगाना से आठ, केरल से छह, जम्मू-कश्मीर से पांच, पश्चिम बंगाल से चार, कर्नाटक से तीन-तीन लड़कियों को बचाया गया। जबकि असम और केंद्र शासित क्षेत्र दमन से एक-एक लड़की को बचाया गया।

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प्रत्येक मामले में कार्रवाई की प्रगति की होती है समीक्षा

उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान कुछ लड़कियां गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी मिलीं। अधिकारी ने कहा कि अपहरण के प्रत्येक मामले में कार्रवाई की प्रगति की हर तीन दिन में समीक्षा की जाती है। गौरतलब है कि पिछले माह एक बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि वह अपहृत बच्चों के माता-पिता को ऐसे मामलों की प्रगति और जांच की स्थिति के बारे में सूचित करें।

राज्य में महिलाओं के खिलाफ विभिन्न अपराधों में आई कमी

चौहान ने कहा था कि अपहृत बच्चों के माता-पिता को एक 'अधिकार पात्र' (प्राधिकरण पत्र) मिलेगा, जिसमें बच्चों का पता लगाने की दिशा में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मार्च 2020 के बाद से मध्यप्रदेश में महिलाओं के खिलाफ विभिन्न अपराधों में 15 से 50 प्रतिशत की कमी आई है।

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