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Madhya Pradesh: तीन बेटियों के माता-पिता चाहते थे बेटा, अब एक साथ जन्मीं तीन बेटियां
Mon, 05 Sep 2022 12:04 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 05 Sep 2022 12:04 AM IST
सार
राजगढ़ में एक महिला ने तीन बच्चियों को एकसाथ जन्म दिया है। बेटे की चाहत रखने वाले पति-पत्नी की तीन बेटियां पहले से थीं। पिता ने बेटियों को भगवान का आशीर्वाद माना है।
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एक महिला ने तीन बच्चियों को जन्म दिया है।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश के राजगढ़ में तीन बेटियों वाले दंपती को फिर तीन बेटियां हुई हैं। बेटे की चाहत रखने वाले पति-पत्नी अब छह बेटियों को पालेंगे। पिता का कहना है कि बच्चियां तो भगवान की देन हैं, सभी सामर्थ्य अनुसार शान से पालूंगा।
जानकारी के अनुसार मामला राजगढ़ का है। नरसिंहगढ़ के मान पिछोड़ी गांव में रहने वाले सीमा तिवारी और राकेश तिवारी की 2013 में शादी हुई थी। अलग-अलग समय पर तीन बेटियों ने उनके यहां जन्म लिया था। पहली बेटी सात सात की, दूसरी पांच की और तीसरी बेटी दो साल की है। अब उन्हें बेटे की चाहत थी, उनकी पत्नी फिर गर्भवती हुई। गुरुवार शाम को सीमा को अस्पताल में भर्ती किया गया था। रात के समय सीमा ने तीन बच्चियों को एक साथ जन्म दिया। तीनों बच्चियां और मां ठीक है।
डॉक्टरों ने बताया कि तीन संतान एक साथ होने के मामले रेयर होते हैं। यहां जन्मी तीनों बच्चियां और उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ हैं। सभी बच्चियों का वजन दो किलो से ज्यादा है। सीमा और राकेश ने बेटियों का नाम गंगा, जमुना और सरस्वती रखा है। राकेश को जब तीन बेटियां होने की जानकारी मिली तो वे बहुत खुश हुए, उनका कहना है कि बेटियां भगवान का आशीर्वाद हैं। हालांकि साथ में बेटा हो जाता तो परिवार पूरा हो जाता। राकेश ने कहा कि मैं बेटियों को अपनी सामर्थ्य शक्ति से बेहतर जिंदगी देने की कोशिश करूंगा।
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बालाघाट में चार बच्चों को हो चुका है एकसाथ जन्म
बालाघाट जिला अस्पताल में किरनापुर तहसील के ग्राम जराही की 26 वर्षीय प्रीति नंदलाल मेश्राम ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया था। इनमें तीन लड़के एवं एक लड़की शामिल है। हालांकि ये बच्चे कमजोर हुए थे। 53 दिन अस्पताल में इन्हें रखा गया था। स्वस्ठ होने पर घर भेजा गया था।
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जानकारी के अनुसार मामला राजगढ़ का है। नरसिंहगढ़ के मान पिछोड़ी गांव में रहने वाले सीमा तिवारी और राकेश तिवारी की 2013 में शादी हुई थी। अलग-अलग समय पर तीन बेटियों ने उनके यहां जन्म लिया था। पहली बेटी सात सात की, दूसरी पांच की और तीसरी बेटी दो साल की है। अब उन्हें बेटे की चाहत थी, उनकी पत्नी फिर गर्भवती हुई। गुरुवार शाम को सीमा को अस्पताल में भर्ती किया गया था। रात के समय सीमा ने तीन बच्चियों को एक साथ जन्म दिया। तीनों बच्चियां और मां ठीक है।
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डॉक्टरों ने बताया कि तीन संतान एक साथ होने के मामले रेयर होते हैं। यहां जन्मी तीनों बच्चियां और उनकी मां पूरी तरह स्वस्थ हैं। सभी बच्चियों का वजन दो किलो से ज्यादा है। सीमा और राकेश ने बेटियों का नाम गंगा, जमुना और सरस्वती रखा है। राकेश को जब तीन बेटियां होने की जानकारी मिली तो वे बहुत खुश हुए, उनका कहना है कि बेटियां भगवान का आशीर्वाद हैं। हालांकि साथ में बेटा हो जाता तो परिवार पूरा हो जाता। राकेश ने कहा कि मैं बेटियों को अपनी सामर्थ्य शक्ति से बेहतर जिंदगी देने की कोशिश करूंगा।
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बालाघाट में चार बच्चों को हो चुका है एकसाथ जन्म
बालाघाट जिला अस्पताल में किरनापुर तहसील के ग्राम जराही की 26 वर्षीय प्रीति नंदलाल मेश्राम ने एक साथ 4 बच्चों को जन्म दिया था। इनमें तीन लड़के एवं एक लड़की शामिल है। हालांकि ये बच्चे कमजोर हुए थे। 53 दिन अस्पताल में इन्हें रखा गया था। स्वस्ठ होने पर घर भेजा गया था।
