फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh Mental Patient treated a dozen patients in OPD district hospital in Chhatarpur

डॉक्टर की कुर्सी पर बैठ गया मानसिक रोगी, फर्राटेदार अंग्रेजी बोल मरीजों को लिख दी दवा

Thu, 20 Feb 2020 05:19 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: अनवर अंसारी Updated Thu, 20 Feb 2020 05:19 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के छतरपुर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के जिला अस्पताल में एक मानसिक रोगी ने डॉक्टर बन मरीजों का इलाज कर दिया और उन्हें दवा भी लिख दी। जब लोगों को इस बात की भनक लगी तो पूरे अस्पताल में हड़कंप मच गया। 

विज्ञापन
Madhya Pradesh Mental Patient treated a dozen patients in OPD district hospital in Chhatarpur
chhatarpur district hospital - फोटो : Twitter

विस्तार

दरअसल, छतरपुर जिला अस्पताल के ओपीडी विभाग में काफी भीड़ लग हुई थी। सभी डॉक्टर चैंबर में बैठकर मरीजों का इलाज कर रहे थे। तभी एक चैंबर के बाहर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन उस चैंबर में बैठने वाले डॉक्टर हिमांशु बाथम वहां मौजूद नहीं थे। तभी यह मानसिक रोगी वहां पहुंचा और डॉक्टर की सीट पर बैठकर मरीजों को देखना शुरू कर दिया। देखते-देखते उसने दर्जन भर से ज्यादा मरीजों का इलाज कर दिया और उन्हें दवा भी लिख दी।  

विज्ञापन


दवा लेने के लिए जब मरीज सरकारी मेडिकल स्टोर पर पहुंचे तो वहां दवा देने वाले अनूप शुक्ला को एक के बाद एक लाल पेन से लिखे पर्चों को देखकर शक हुआ। इसके बाद उन्होंने मरीजों से डॉक्टर का चैंबर नंबर पूछा और वहां पहुंचे। शुक्ला यह देखकर दंग रह गए कि वहां मानसिक रोगी सीट पर बैठकर मरीजों का इलाज कर रहा है। शुक्ला ने इस बात की जानकारी अस्पताल प्रशासन को दी, जिसके बाद उसे पकड़कर बाहर निकाला गया। 

विज्ञापन

फर्राटेदार अंग्रेजी बोल रहा था, इसलिए लगा यहीं डॉक्टर है: मरीज

मानसिक रोगी ने मरीजों को बताया कि वह दिल्ली के एम्स का डॉक्टर हैं, जिसका नाम डॉक्टर वीर बहादुर है। जब रोगी से पूछा गया कि उसने मरीजों को गलत दवा क्यों लिखी तो उसने कहा कि 100 फीसदी गारंटी लेता हूं, आप दवा चेक करा लीजिए, एकदम सही निकलेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन


जब उससे पूछा गया कि वह ओपीडी में बैठकर इलाज क्यों कर रहा था तो उसने कहा कि चैंबर खाली देखकर मरीज परेशान हो रहे थे, इसलिए मैंने उनका इलाज करना शुरू कर दिया। इसमें गलत क्या है? 


मरीजों ने बताया कि वह इलाज के दौरान फर्राटेदार अंग्रेजी में बात कर रहा था, इसलिए हमें लगा कि वह ही डॉक्टर है। मामला सामने आने के बाद अस्पताल के सामने यह चुनौती थी कि वह उन मरीजों का पता लगाए जिनका इलाज उसने किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed