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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: Management of Mahadev Temple Trust of Jabalpur now with the government, saved property worth Rs 250 crore from land mafia

मध्य प्रदेश: जबलपुर के महादेव मंदिर ट्रस्ट का प्रबंधन अब सरकार के पास, भूमाफिया से 250 करोड़ रुपये की संपत्ति बचाई

Sat, 18 Dec 2021 03:53 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: रवींद्र भजनी Updated Sat, 18 Dec 2021 03:53 PM IST
सार

जबलपुर में जिला प्रशासन ने शांतिनगर स्थित महादेव मंदिर ट्रस्ट का प्रबंधन अपने हाथ में लिया है। ट्रस्ट के पास 250 करोड़ रुपये की जमीन थी, जिस पर भूमाफिया की नजर थी। प्रशासन के फैसले से यह जमीन भूमाफिया से बचा ली गई है।

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Madhya Pradesh: Management of Mahadev Temple Trust of Jabalpur now with the government, saved property worth Rs 250 crore from land mafia
जबलपुर कलेक्टर ऑफिस (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्य प्रदेश के जबलपुर में शांतिनगर स्थित महादेव मंदिर ट्रस्ट का प्रबंधन शासन ने अपने हाथ में ले लिया है। इस संबंध में आदेश जारी हो गया है। महादेव मंदिर ट्रस्ट की बंधैया मोहल्ला, शांतिनगर में 16 एकड़ और नागर तहसील के ग्राम निमौरा में 7 एकड़ जमीन है। अकेले बंधैया मोहल्ला की जमीन की कीमत 250 करोड़ रुपये बताई जाती है। एसडीएम आधारताल और पंजीयक लोकन्यास, नमः शिवाय अरजरिया ने महादेव मंदिर ट्रस्ट की इस जमीन को अहस्तांतरणीय घोषित किया है। इस बात को खसरे में दर्ज करने के आदेश हुए हैं। 
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कलेक्टर कर्मवीर शर्मा को शिकायतें मिल रही थी कि महादेव मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर भूमाफिया की नजर है। इस जमीन को हथियाने के प्रयास चल रहे हैं। इस पर अरजरिया के नेतृत्व में तीन सदस्यों की टीम गठित की गई। उसे ट्रस्ट की संपत्ति की जांच कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। तीन सदस्यों की इस समिति में जिला पंजीयक एवं जिला कोषालय अधिकारी को शामिल किया गया था। एसडीएम ने जांच में पाया कि 1958 में पब्लिक ट्रस्ट के रूप में दर्ज महादेव मंदिर ट्रस्ट की संपत्तियों के प्रबंधन में लापरवाही बरती जा रही है। ट्रस्टियों ने मंदिर की बेशकीमती जमीन को लेकर गड़बड़ियां शुरू की थी। 22 अप्रैल, 27 जून, 1 जुलाई और 4 जुलाई 2019 को दक्षिण मिलौनीगंज के हामिद हसन की ओर से महादेव मंदिर के यूको बैंक के खाते में 92 लाख रुपये प्राप्त किए थे। वैसे, लोक न्यास अधिनियम के तहत 5 हजार रुपये से अधिक की कोई भी राशि रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट की अनुमति के बगैर प्राप्त नहीं की जा सकती। 
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ट्रस्ट की गतिविधियों में अनियमितताएं
एसडीएम ने बताया कि मंदिर की जमीन के खुर्द-बुर्द करने के अलावा भी ट्रस्ट की गतिविधियों की जांच में कई और अनियमितता पाई गई। इनमें पूर्व न्यासियों की मृत्यु होने के बाद भी नए न्यासियों के नाम दर्ज नहीं करने, ट्रस्टी पन्नालाल प्रजापति की मृत्यु के बाद उनके पुत्रों दिनेश कुमार प्रजापति एवं रामकुमार प्रजापति का नाम बिना रजिस्ट्रार पब्लिक ट्रस्ट की अनुमति के जोड़ना शामिल है। अरजरिया ने बताया कि महादेव मंदिर ट्रस्ट का संचालन के लिए तहसीलदार आधारताल राजेश सिंह की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। तहसीलदार आधारताल को प्रधान आयकर आयुक्त को महादेव मंदिर ट्रस्ट को हामिद हसन द्वारा दी गई 92 लाख रुपये की राशि की जांच करने के संबंध में पत्र भेजने को कहा गया है।  
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