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मध्यप्रदेश में हुआ तीन साल के डॉगी का डीएनए टेस्ट, जानें पूरा मामला
Mon, 23 Nov 2020 02:13 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार संभव
Updated Mon, 23 Nov 2020 02:13 PM IST
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तीन साल के डॉगी का ब्लड लेते डॉक्टर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया। दरअसल, मध्यप्रदेश पुलिस ने यहां तीन साल के एक डॉगी का डीएनए टेस्ट कराया है। यह कदम डॉगी के असली मालिक की पहचान के लिए उठाया गया। जानकारी के मुताबिक, होशंगाबाद जिले में एक लेब्राडोर डॉगी के मालिकाना हक को लेकर दो लोग आमने-सामने आ गए हैं। यहां तक कि वो लोग कानूनी लड़ाई तक लड़ने पर आमाद हैं, जिसके बाद पुलिस ने डॉगी का डीएनए टेस्ट कराया।
यह है पूरा मामला
दरअसल, होशंगाबाद निवासी शादाब खान ने अगस्त 2020 के दौरान अपने 3 साल के लेब्राडोर कोको के लापता होने की रिपोर्ट देहात थाने में दर्ज कराई थी। 18 नवंबर को उन्हें मालाखेड़ी इलाके में ही कृतिक शिवहरे के घर में अपने डॉगी के होने की जानकारी मिली। शादाब मौके पर पहुंचे और अपने डॉगी पर हक जताने लगे। वहीं, कृतिक ने डॉगी को अपना बताया और उसका नाम टाइगर होने की जानकारी दी। ऐसे में दोनों पक्ष आपस में भिड़ने लगे, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई।
शादाब ने की पुलिस से शिकायत
बताया जा रहा है कि मामला नहीं सुलझने पर शादाब थाने पहुंच गए और कुछ तस्वीरों व दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता कृतिक भी पुलिस थाने पहुंचे और अपना दावा पेश करने लगे।
डॉगी भी नहीं पहचान पाया असली मालिक
पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए डॉगी की मदद लेने का फैसला किया, लेकिन असल मुसीबत उस वक्त आई, जब डॉगी अपने असली मालिक को नहीं पहचान पाया। ऐसे में जब पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी तो डॉगी का डीएनए टेस्ट कराने का फैसला किया गया। इसके बाद डॉगी के ब्लड सैंपल लिए गए। होशंगाबाद देहात के थाना इंचार्ज हेमंत श्रीवास्तव का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद डॉगी असली मालिक को सौंप दिया जाएगा।
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यह है पूरा मामला
दरअसल, होशंगाबाद निवासी शादाब खान ने अगस्त 2020 के दौरान अपने 3 साल के लेब्राडोर कोको के लापता होने की रिपोर्ट देहात थाने में दर्ज कराई थी। 18 नवंबर को उन्हें मालाखेड़ी इलाके में ही कृतिक शिवहरे के घर में अपने डॉगी के होने की जानकारी मिली। शादाब मौके पर पहुंचे और अपने डॉगी पर हक जताने लगे। वहीं, कृतिक ने डॉगी को अपना बताया और उसका नाम टाइगर होने की जानकारी दी। ऐसे में दोनों पक्ष आपस में भिड़ने लगे, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई।
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A 3 year Labrador will undergo DNA test in Hoshnagabad, to decide the ownership dispute between Shadab Khan and Kartik Shivhare, Khan alleges that his missing black Labrador, While Shivhare family claims it's their Tiger. @ndtvindia @ndtv @RajputAditi pic.twitter.com/5leiIBfb8L
विज्ञापन विज्ञापन— Anurag Dwary (@Anurag_Dwary) November 22, 2020
शादाब ने की पुलिस से शिकायत
बताया जा रहा है कि मामला नहीं सुलझने पर शादाब थाने पहुंच गए और कुछ तस्वीरों व दस्तावेजों के साथ शिकायत दर्ज कराई। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता कृतिक भी पुलिस थाने पहुंचे और अपना दावा पेश करने लगे।
डॉगी भी नहीं पहचान पाया असली मालिक
पुलिस ने इस मामले को सुलझाने के लिए डॉगी की मदद लेने का फैसला किया, लेकिन असल मुसीबत उस वक्त आई, जब डॉगी अपने असली मालिक को नहीं पहचान पाया। ऐसे में जब पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी तो डॉगी का डीएनए टेस्ट कराने का फैसला किया गया। इसके बाद डॉगी के ब्लड सैंपल लिए गए। होशंगाबाद देहात के थाना इंचार्ज हेमंत श्रीवास्तव का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद डॉगी असली मालिक को सौंप दिया जाएगा।
