राफेल के आने से चीन, पाकिस्तान और सुबह ट्वीट करने वालों के यहां मातम: नरोत्तम मिश्रा
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फ्रांस से उड़ान भरते हुए पांच राफेल विमान आज भारत पहुंच रहे हैं। ये विमान अंबाला एयरफोर्स पर लैंड करेंगे और इनकी तैनाती यहीं की जाएगी। इसके चलते अंबाला और इससे लगते चार गांवों में धारा 144 लगाई गई है। वहीं, मध्यप्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने राफेल को लेकर बिना नाम लिए कांग्रेस और उसके वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर हमला बोला है।
सूबे के गृह मंत्री ने कहा, 'हिंदुस्तान का आसमान आज राफेल की गर्जना से और देश का माथा आज गौरव से गौरवान्वित होगा। अगर मातम होगा तो केवल तीन जगह होगा, चीन, पाकिस्तान और उनके यहां जो सुबह से ट्वीट कर रहे हैं।'
जो लोग रोज सुबह उठकर कभी सेना का मनोबल गिराते हैं, कभी देश के सम्मान और स्वाभिमान को आहत करते हैं, अच्छा होगा अगर ऐसे लोग किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लें: मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा https://t.co/ks9PRVFENP
विज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 29, 2020
उन्होंने कहा, 'जो लोग रोज सुबह उठकर कभी सेना का मनोबल गिराते हैं, कभी देश के सम्मान और स्वाभिमान को आहत करते हैं, अच्छा होगा अगर ऐसे लोग किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लें।'
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दरअसल, दिग्विजय ने ट्वीट कर कहा कि, आखिर राफेल फाइटर प्लेन आ गया है। 126 राफेल खरीदने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए ने 2012 में फैसला लिया था और 18 राफेल को छोड़ कर बाकि भारत सरकार की एचएएल में निर्माण का प्रावधान था। यह भारत में आत्मनिर्भर होने का प्रमाण था। एक राफेल की कीमत 746 करोड़ रुपये तय की गई थी।
उन्होंने कहा कि एक राफेल की कीमत कांग्रेस सरकार ने 746 करोड़ रुपये तय की थी लेकिन चौकीदार महोदय कई बार संसद में और संसद के बाहर भी मांग करने के बावजूद आज तक एक राफेल कितने में खरीदा है, बताने से बच रहे हैं। क्यों? क्योंकि चौकीदार जी की चोरी उजागर हो जाएगी। चौकीदार जी अब तक उसकी कीमत बता दें।
गौरतलब है कि भारत ने वायुसेना की ताकत को बढ़ाने के लिए फ्रांस के साथ सितंबर 2016 में करीब 60 करोड़ रुपये का राफेल सौदा किया गया था। इसके तहत, भारत को 36 राफेल लड़ाकू विमान सौंपे जाने हैं।
वहीं, इस सौदे के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला था और कहा था कि इस सौदे की कीमत अधिक रखी गई है, ताकि कुछ लोगों को आर्थिक रूप से फायदा पहुंचाया जा सके। पिछले साल लोकसभा चुनाव के दौरान भी राफेल का मुद्दा काफी गरमाया हुआ था।
