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फैसला: मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता से हटाया रासुका, ऑक्सी-फ्लोमीटर की कालाबाजारी का था आरोप

Thu, 24 Jun 2021 10:18 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: कुमार संभव Updated Thu, 24 Jun 2021 10:18 PM IST
सार

पीठ ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि आइंदा रासुका के आदेशों में ही यह उल्लेख सुनिश्चित किया जाए कि जिस व्यक्ति को संबद्ध प्राधिकारी ने इस कानून के तहत जेल में बंद रखे जाने का फैसला किया है, वह व्यक्ति इसी प्राधिकारी के सामने अभ्यावेदन पेश कर सकता है।

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Madhya Pradesh High Court removed Rasuka from Congress leader Yatindra Verma accused of black marketing of oxy-flowmeter
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से राज्य सरकार को गुरुवार (24 जून) को उस समय झटका लगा, जब अदालत ने इंदौर के एक निष्कासित कांग्रेस नेता के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) हटा दिया। बता दें कि स्थानीय नेता को ऑक्सी-फ्लोमीटर (ऑक्सीजन सिलेंडर से मरीज को दी जाने वाली गैस का बहाव नियंत्रित करने वाला उपकरण) की कालाबाजारी के आरोप में डेढ़ महीने पहले गिरफ्तार किया गया था। तब से वह जेल में बंद हैं।

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जानकारी के मुताबिक, उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति सुजय पॉल और न्यायमूर्ति शैलेंद्र शुक्ला ने यतींद्र वर्मा (37) पर रासुका लगाने के जिला प्रशासन के आदेश को निरस्त कर दिया। खंडपीठ ने कहा, 'इसमें कोई संदेह नहीं कि (रासुका के तहत) हिरासत में लिए गए इस व्यक्ति को प्रशासन के सामने अभ्यावेदन पेश करने का महत्वपूर्ण अधिकार था। इस अवसर का इस्तेमाल किए जाने की मनाही (रासुका के) प्रश्नाधीन आदेश को दूषित कर देती है।
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उच्च न्यायालय ने 21 पन्नों के अपने विस्तृत आदेश में यह भी कहा, 'याचिकाकर्ता की मुख्य शिकायत है कि जिला प्रशासन ने उसे रासुका के तहत जेल में बंद रखे जाने का आदेश पारित करते वक्त अभ्यावेदन पेश करने के कानूनी अधिकार की जानकारी ही नहीं दी थी।'
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इसके मद्देनजर पीठ ने प्रदेश सरकार को आदेश दिया कि आइंदा रासुका के आदेशों में ही यह उल्लेख सुनिश्चित किया जाए कि जिस व्यक्ति को संबद्ध प्राधिकारी ने इस कानून के तहत जेल में बंद रखे जाने का फैसला किया है, वह व्यक्ति इसी प्राधिकारी के सामने अभ्यावेदन पेश कर सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि पूर्व कांग्रेस नेता वर्मा को राजेंद्र नगर पुलिस ने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से ऊंचे दामों पर ऑक्सी-फ्लोमीटर बेचने के आरोप में सात मई को गिरफ्तार किया था। उस वक्त महामारी की दूसरी लहर के भीषण प्रकोप के कारण इस चिकित्सा उपकरण की भारी किल्लत चल रही थी।


उन्होंने बताया कि बाद में पुलिस की सिफारिश मंजूर करते हुए जिलाधिकारी मनीष सिंह ने 10 मई को आदेश जारी किया था कि वर्मा को रासुका के तहत केंद्रीय जेल में बंद रखा जाए। शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने बताया कि वर्मा को ऑक्सी फ्लोमीटर मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था।

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