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मध्यप्रदेश में स्कूल फीस से संबंधित सभी याचिकाओं पर जबलपुर हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
Tue, 07 Jul 2020 02:39 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 07 Jul 2020 02:39 PM IST
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मध्यप्रदेश में निजी स्कूलों की फीस को लेकर दाखिल की गईं सभी याचिकाओं पर अब जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर और ग्वालियर खंडपीठ के समक्ष दायर की गईं सभी याचिकाओं पर जबलपुर हाईकोर्ट सुनवाई करेगा।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार मित्तल और जस्टिस संजय द्विवेदी ने मंगलवार को राज्य के निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 13 जुलाई को निर्धारित कर दी।
वहीं, दूसरी तरफ इंदौर और ग्वालियर पीठ के भी स्कूल फीस संबंधी सभी मामले जबलपुर ट्रांसफर होंगे। जनहित याचिकाकर्ता जबलपुर के डॉ. पीजी नाजपाण्डे और रजत भार्गव का पक्ष अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रखा।
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अधिवक्ता दिनेश ने पीठ के सामने साफ किया कि निजी स्कूलों की फीस वसूली के बिन्दु पर हाईकोर्ट की दो पीठों ने अलग-अलग आदेश पारित किए हैं। इंदौर पीठ ने निजी स्कूलों को शिक्षण शुल्क (ट्यूशन फीस) के अलावा अन्य शुल्क भी वसूलने के लिए स्वतंत्रा देते हुए राज्य शासन के सिर्फ शिक्षण शुल्क वसूलने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी थी।
अधिवक्ता ने कहा, जबकि हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर ने इसी तरह की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी स्कूलों द्वारा शिक्षण शुल्क के अलावा अन्य शुल्क वसूले जाने पर अंतरिम रोक लगा दी। इस तरह एक ही मुद्दे पर हाईकोर्ट के दो आदेश सामने आए।
वहीं, इंदौर पीठ ने साफ कर दिया है कि अब स्कूल फीस संबंधी सभी याचिकाएं संयुक्त रूप से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर में ही सुनी जाएंगी। मुख्य न्यायाधीश इस संबंध में पीठ के निर्धारण की व्यवस्था को अंतिम रूप देंगे।
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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अजय कुमार मित्तल और जस्टिस संजय द्विवेदी ने मंगलवार को राज्य के निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूलने के खिलाफ दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने अगली तारीख 13 जुलाई को निर्धारित कर दी।
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वहीं, दूसरी तरफ इंदौर और ग्वालियर पीठ के भी स्कूल फीस संबंधी सभी मामले जबलपुर ट्रांसफर होंगे। जनहित याचिकाकर्ता जबलपुर के डॉ. पीजी नाजपाण्डे और रजत भार्गव का पक्ष अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से रखा।
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अधिवक्ता दिनेश ने पीठ के सामने साफ किया कि निजी स्कूलों की फीस वसूली के बिन्दु पर हाईकोर्ट की दो पीठों ने अलग-अलग आदेश पारित किए हैं। इंदौर पीठ ने निजी स्कूलों को शिक्षण शुल्क (ट्यूशन फीस) के अलावा अन्य शुल्क भी वसूलने के लिए स्वतंत्रा देते हुए राज्य शासन के सिर्फ शिक्षण शुल्क वसूलने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी थी।
अधिवक्ता ने कहा, जबकि हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर ने इसी तरह की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निजी स्कूलों द्वारा शिक्षण शुल्क के अलावा अन्य शुल्क वसूले जाने पर अंतरिम रोक लगा दी। इस तरह एक ही मुद्दे पर हाईकोर्ट के दो आदेश सामने आए।
वहीं, इंदौर पीठ ने साफ कर दिया है कि अब स्कूल फीस संबंधी सभी याचिकाएं संयुक्त रूप से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की मुख्यपीठ जबलपुर में ही सुनी जाएंगी। मुख्य न्यायाधीश इस संबंध में पीठ के निर्धारण की व्यवस्था को अंतिम रूप देंगे।
