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मध्य प्रदेश: हाईकोर्ट ने मेरिट के आधार पर एसटीएस की सूची जारी करने के निर्देश दिए
Thu, 16 Dec 2021 06:59 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 16 Dec 2021 06:59 PM IST
सार
एएनएन प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित और पूर्व में कार्यरत एएनएम को 20% बेनेफिट देने को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने करार दिया अवैधानिक। मेरिट के आधार पर एसटीएस की सूची जारी करने का आदेश दिया।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राष्टीय स्वास्थ मिशन के तहत सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर (एसटीएस) की भर्ती के लिए मेरिट के आधार पर नई सूची जारी करने का आदेश दिया है। साथ ही जनस्वास्थ्य एएनएम प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित और पहले से कार्यरत एएनएम को भर्ती परीक्षा में 20% बेनेफिट देने को अवैधानिक घोषित किया है।
याचिकाकर्ता मृगेंद्र सिंह झारिया और अन्य ने याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एसटीएस के 187 पदों की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने सितम्बर 2019 में आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन के लिए योग्यता निर्धारित थी। 20% बेनेफिट देने का उल्लेख नहीं था। दिसंबर 2019 में परीक्षा आयोजित की गई।
इसके कुछ महीनों बाद मार्च 2020 में कार्यसमिति ने निर्णय लिया कि जनस्वास्थ्य एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षित एवं पूर्व से कार्यरत एएनएम को भर्ती परीक्षा में 20 प्रतिशत का बेनेफिट दिया जाएगा। इसके आधार पर नियुक्ति सूची जारी कर दी गई। परीक्षा के बाद किसी विशेष को बेनेफिट दिया जाना अवैधानिक है। इसके बाद जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने 20% बेनेफिट देने को अवैधानिक ठहराया। साथ ही नई सूची जारी करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता ईशान सोनी ने पैरवी की।
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याचिकाकर्ता मृगेंद्र सिंह झारिया और अन्य ने याचिका दाखिल की थी। इसमें कहा गया था कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत एसटीएस के 187 पदों की नियुक्ति के लिए राज्य सरकार ने सितम्बर 2019 में आवेदन आमंत्रित किए थे। आवेदन के लिए योग्यता निर्धारित थी। 20% बेनेफिट देने का उल्लेख नहीं था। दिसंबर 2019 में परीक्षा आयोजित की गई।
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इसके कुछ महीनों बाद मार्च 2020 में कार्यसमिति ने निर्णय लिया कि जनस्वास्थ्य एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र में प्रशिक्षित एवं पूर्व से कार्यरत एएनएम को भर्ती परीक्षा में 20 प्रतिशत का बेनेफिट दिया जाएगा। इसके आधार पर नियुक्ति सूची जारी कर दी गई। परीक्षा के बाद किसी विशेष को बेनेफिट दिया जाना अवैधानिक है। इसके बाद जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने 20% बेनेफिट देने को अवैधानिक ठहराया। साथ ही नई सूची जारी करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता ईशान सोनी ने पैरवी की।
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