Lockdown : राजस्थान के कोटा में फंसे मध्यप्रदेश के 1197 छात्रों की वापसी का रास्ता साफ
राजस्थान के कोटा शहर में फंसे 1197 छात्रों की वापसी के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने तैयारी कर ली है। छात्रों को वापस लाने के लिए करीब 71 वाहन कोटा रवाना किए जाने हैं। सरकार ने इस बारे में आदेश जारी कर दिए हैं। सरकार का आदेश मिलते ही परिवहन विभाग ने वाहनों के अधिग्रहण की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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जानकारी के मुताबिक जिला स्तर पर कलेक्टर कार्यालय ने परिवहन विभाग को छात्रों की सूची उपलब्ध करा दी है। इसके मुताबिक भोपाल के 39, भिंड के 48, छतरपुर के 50, इंदौर के पांच और ग्वालियर के 68 छात्रों समेत राज्य के 51 जिलों के कुल 1197 छात्रों को कोटा से वापस लाना है।
सूत्रों के मुताबिक शनिवार देर रात मेडिकल स्टाफ और पुलिस कर्मियों के साथ छात्रों को लाने के लिए वाहन रवाना कर दिए जाएंगे। बता दें कि इससे पहले कोटा में फंसे उत्तर प्रदेश के छात्रों को लाने के लिए योगी सरकार करीब 300 बसें रवाना कर चुकी है। इसे लेकर राजनीतिक लड़ाई भी छिड़ी हुई है।
राजनीतिक अखाड़े में बदल चुका है इंजीनियर-डॉक्टर देने वाला कोटा
बता दें कि कोरोना महामारी के बीच भारत को इंजीनियर और डॉक्टर देने वाला राजस्थान का कोटा शहर अब राजनीति के अखाड़े में तब्दील हो गया है। बिहार और उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने कोटा गए हजारों छात्र लॉकडाउन में वहीं अटक गए हैं।
करीब 35 हजार फंसे छात्रों की घर वापसी को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच कड़वाहट पैदा हो गई है। दरअसल, कोटा में फंसे छात्रों की घर वापसी को लेकर चर्चा कुछ दिन पहले ही चल रही थी।
विवाद तब बढ़ा जब राजस्थान सरकार की ओर से इन छात्रों को अपने घर लौटने के लिए पास जारी किए जाने लगे। कुछ छात्र अपने गृह राज्य की सीमा पर पहुंचे तो उन्हें रोक दिया गया। इसके बाद बिहार सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर कहा कि ये लॉकडाउन के नियमों के खिलाफ है, इस पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
