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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Madhya Pradesh: Fine of more than Rs 1 lakh on 5 officials of Water Resources Department for not informing RTI applicant

मध्य प्रदेश: जल संसाधन विभाग के 5 अधिकारियों पर RTI आवेदक को सूचना न देने पर 1 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना

Fri, 25 Feb 2022 04:28 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 25 Feb 2022 04:28 PM IST
सार

जल संसाधन विभाग के पांच अधिकारियों पर आरटीआई आवेदक को समय पर जानकारी उपलब्ध न कराने के मामले में राज्य सूचना आयुक्त ने 1 लाख से ज्यादा का जुर्माना लगाया है। पांचों अधिकारी 2018 में सतना जल संसाधन विभाग में पदस्थ थे।

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Madhya Pradesh: Fine of more than Rs 1 lakh on 5 officials of Water Resources Department for not informing RTI applicant
राहुल सिंह, राज्य सूचना आयुक्त - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जल संसाधन विभाग के पांच अधिकारियों पर आरटीआई आवेदन पर जानकारी न देने के मामले में एक ही प्रकरण में 1 लाख 2 हजार 250 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सभी अधिकारियों पर राज्य सूचना आयुक्त ने कार्रवाई की है। 
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मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने बताया कि जल संसाधन विभाग के सभी पांचों अधिकारी सतना जिले में पदस्थ थे। इन अधिकारियों को मिले गाड़ियों के भुगतान और लॉग बुक की जानकारी आरटीआई आवेदक द्वारा मांगी गई थी। आरटीआई आवेदन 27 फरवरी 2018 को दिया गया था। इस आवेदन पर कार्यपालन यंत्री ने चार अनुविभागीय अधिकारियों को जानकारी देने के लिए लिखा था। सूचना आयुक्त ने पाया कि 30 दिनों के भीतर प्रदान की जाने वाली जानकारी को कानून का उल्लंघन करते हुए 4 साल बाद भी आवेदक को उपलब्ध नहीं कराया गया। आयुक्त ने जानकारी को 10 दिन के भीतर आवेदक को उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। 
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आयोग की तरफ से 25 हजार जुर्माने का नोटिस 6 अधिकारियों को जारी किया गया था। इनमें से एक अनुविभागीय अधिकारी अभिनव सिंह ने जानकारी को लोक सूचना अधिकारी को उपलब्ध कराया था। पर लोक सूचना अधिकारी ने उक्त जानकारी को आवेदक को उपलब्ध नहीं कराया। मामले में खास बात यह है कि सभी अनुविभागीय अधिकारियों ने आयोग के समक्ष कार्यपालन यंत्री लोक सूचना अधिकारी की शिकायत कर बताया कि गाड़ियों के बिलों के भुगतान की स्वीकृति कार्यपालन यंत्री ही देते हैं। इसलिए मांगी गई जानकारी कार्यपालन यंत्री के पास पहले से ही मौजूद थी, लेकिन उसके बावजूद उन्होंने जानकारी फिर से उपलब्ध कराने के लिए कहा था। 
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सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने आदेश में कहा कि अनुविभागीय अधिकारियों ने अपने वरिष्ठ अधिकारी कार्यपालन यंत्री के आदेश का पालन ना करके अधिनियम की धारा 5 (5) का उल्लंघन किया है। 


इन अधिकारियों पर लगाया गया जुर्माना 
राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह ने आर डी अहिरवार, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री, जल संसाधन विभाग, सतना पर 25 हजार, अरुण चौहान तत्कालीन कार्यपालन यंत्री जल संसाधन विभाग सतना पर 2250 रुपये, सहज श्रीवास्तव तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग, सतना पर 25 हजार रुपये, मनोज कुमार तिवारी तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग, सतना, पर 25 हजार रुपये, जेएस मरावी, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी जल संसाधन विभाग सतना पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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