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6 राज्यों में पहुंची किसान आंदोलन की आग, मंदसौर में कर्फ्यू से राहत
amarujala.com- Presented by: अभिषेक तिवारी
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:35 AM IST
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Curfew relaxed in Mandsaur
- फोटो : ANI
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किसान आंदोलन के आठवें दिन हिंसा के साथ जमकर सियासत भी गर्म हुई। मध्यप्रदेश के मंदसौर में प्रशासन की ओर से कर्फ्यू से राहत दे दी गई। अब इलाके में सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कर्फ्यू नही रहेगा।
प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी वहां पीड़ित किसानों के परिवार जनों से मिलने पहुंच गए। वह उदयपुर के रास्ते मध्यप्रदेश की सीमा में घुसे थे।
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राहुल के मध्यप्रदेश के नीमच के नयागांव में पहुंचते ही उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। बता दें कि राहुल को हिंसा इलाके में जाने से रोकने के लिए एसपी रैंक के 6 अफसर मौजूद थे।
इसके अलावा एमपी व राजस्थान के 600 से ज्यादा अधिकारी व जवान तैनात थे। और एक महत्वपूर्ण बात यह हुई कि सरकार ने मंदसौर किसान आंदोलन को संभालने में नाकाम रहे डीएम स्वतंत्र कुमार सिंह और एसपी ओपी त्रिपाठी को हटा दिया।सरकार ने इनके स्थान पर शिवपुरी डीएम ओम प्रकाश को मंदसौर भेजा तथा एसपी मनोज कुमार को नीमच भेजा।
जानकारी के मुताबिक किसान आंदोलन में हुई किसनों की मौत के मामले में सरकार को इनकी लापरवाही की रिपोर्ट मिली थी। मामले में दूसरी ओर शाजापुर में प्याज खरीद के दौरान उपजे विवाद में किसानों ने चार बाइक और एक ट्रक को आग लगा दी। किसान 10 जून तक खऱीदी किए जाने की मांग कर रहे थे । हालांकि जानकारी के अनुसार डीएम ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया था पर इसके बावजूद किसानों ने लगभग चार घंटे से अधिक समय तक बवाल काटा।
भड़के किसानों ने एसडीएम को पीटा। जिससे वह घायल हो गए। किसानों की ओर से किए गए पथराव की वजह से पुलिसकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए । जिसके बाद प्रशासन की ओर से शहर में धारा- 144 लगा दी गई।
अभी भी नहीं हुआ महाराष्ट्र किसानों का आंदोलन शांत , रोकेंगे ट्रेन
महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन अभी शांत नहीं हुआ है। महाराष्ट्र किसानों ने घोषणा की है कि वह 13 जून को ट्रेन रोकेंगे। इससे आशंका जताई जा रही है कि आमजनों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
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Madhya Pradesh farmers' agitation: Curfew relaxed in #Mandsaur from 10 am to 6 pm. pic.twitter.com/VIYkqDyrxT
— ANI (@ANI_news) June 9, 2017विज्ञापन
प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद गुरुवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी वहां पीड़ित किसानों के परिवार जनों से मिलने पहुंच गए। वह उदयपुर के रास्ते मध्यप्रदेश की सीमा में घुसे थे।
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राहुल के मध्यप्रदेश के नीमच के नयागांव में पहुंचते ही उन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया। बता दें कि राहुल को हिंसा इलाके में जाने से रोकने के लिए एसपी रैंक के 6 अफसर मौजूद थे।
इसके अलावा एमपी व राजस्थान के 600 से ज्यादा अधिकारी व जवान तैनात थे। और एक महत्वपूर्ण बात यह हुई कि सरकार ने मंदसौर किसान आंदोलन को संभालने में नाकाम रहे डीएम स्वतंत्र कुमार सिंह और एसपी ओपी त्रिपाठी को हटा दिया।सरकार ने इनके स्थान पर शिवपुरी डीएम ओम प्रकाश को मंदसौर भेजा तथा एसपी मनोज कुमार को नीमच भेजा।
जानकारी के मुताबिक किसान आंदोलन में हुई किसनों की मौत के मामले में सरकार को इनकी लापरवाही की रिपोर्ट मिली थी। मामले में दूसरी ओर शाजापुर में प्याज खरीद के दौरान उपजे विवाद में किसानों ने चार बाइक और एक ट्रक को आग लगा दी। किसान 10 जून तक खऱीदी किए जाने की मांग कर रहे थे । हालांकि जानकारी के अनुसार डीएम ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया था पर इसके बावजूद किसानों ने लगभग चार घंटे से अधिक समय तक बवाल काटा।
भड़के किसानों ने एसडीएम को पीटा। जिससे वह घायल हो गए। किसानों की ओर से किए गए पथराव की वजह से पुलिसकर्मियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए । जिसके बाद प्रशासन की ओर से शहर में धारा- 144 लगा दी गई।
अभी भी नहीं हुआ महाराष्ट्र किसानों का आंदोलन शांत , रोकेंगे ट्रेन
महाराष्ट्र में किसानों का आंदोलन अभी शांत नहीं हुआ है। महाराष्ट्र किसानों ने घोषणा की है कि वह 13 जून को ट्रेन रोकेंगे। इससे आशंका जताई जा रही है कि आमजनों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।
