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मध्यप्रदेश में ईमानदारी की मिसाल: सोना-चांदी भी नहीं डिगा सके इस ऑटो वाले की नीयत, खुद पहुंचा थाने और लौटाया बैग

Sun, 31 Oct 2021 09:04 PM IST
सुभाष कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: सुभाष कुमार Updated Sun, 31 Oct 2021 09:04 PM IST
सार

ऑटो चालक एक जगह रूका और देखा कि बैग किसका है। उसे समझते देर नहीं लगी कि आखिरी बार जो व्यक्ति बैठा था उसका बैग छूट गया होगा लेकिन लौटाए कैसे। वह भी व्यापारी के बारे में कुछ नहीं जानता था। इसके बाद ऑटो चालक बैग लेकर सराफा थाने पहुंचा। पुलिस को पूरी घटना बताई और  बैग जमा करवाया।

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madhya pradesh Even gold and silver could not deter the intention of auto driver, he reached the police station and returned the bag in indore madhya pradesh 
पुलिस ने ऑटो चालक को उसकी ईमानदारी के लिए थाने पर सम्मानित भी किया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आज के इस दौर में भी ऐेसे लोग हैं जिनको देखकर ईमानदारी पर यकीन होता है और यह कहा जाता है कि दुनिया में अच्छे लोगों की कमी नहीं है। ईमानदारी की ऐसी ही मिसाल पेश की है एक ऑटो चालक ने जिसकी नीयत सोने-चांदी के जेवरात भी नहीं डिगा सके।

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दरअसल सराफा थाने में यह सब हुआ है जिसने ईमानदारी का उदाहरण दिया। एक व्यापारी अपना बैग ऑटो में भूल गया। बैग में सोना-चांदी था। उसे न ऑटो का नंबर पता था और न ही चालक की जानकारी थी। जब बैग छूट गया तो उसके होश उड़ गए और कुछ समझ नहीं आया कि क्या करे क्योंकि बैग मिलना लगभग नामुमकिन लग रहा था। इसी बीच व्यापारी के पास पुलिस का फोन पहुंचा और अपना बैग वापस देख उसका मुरझाया चेहरा खिल उठा।
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ऑटो चालक की ईमानदारी से व्यापारी को मिला बैग
हुआ यूं कि मोहन बड़ोदिया नामक व्यापारी एक ऑटो में बैठकर कहीं जा रहे थे। उनके पास बैग था जिसमें करीब तीन किलो चांदी और सौ ग्राम सोना था। कुछ नकदी व कागजात भी थे। ऑटो में बैठकर वे अपने गंतव्य तक पहुंचे और उतरकर चलते बने। ऑटो चालक भी दूसरी सवारी के लिए वहां से आगे बढ़ गया। लेकिन जब व्यापारी ने देखा कि उनका बैग तो ऑटो में ही छूट गया है तो वे उसे ढूंढने निकले लेकिन न तो ऑटो नंबर उनको याद था न ही चालक का नाम या पता। वे थक हारकर चिंता में डूब गए। 
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दूसरी ओर ऑटो चालक एक जगह रूका और देखा कि बैग किसका है। उसे समझते देर नहीं लगी कि आखिरी बार जो व्यक्ति बैठा था उसका बैग छूट गया होगा लेकिन लौटाए कैसे। वह भी व्यापारी के बारे में कुछ नहीं जानता था। इसके बाद ऑटो चालक बैग लेकर सराफा थाने पहुंचा। पुलिस को पूरी घटना बताई और  बैग जमा करवाया। पुलिस ऑटो चालक की ईमानदारी से प्रभावित हुई और उसकी तारीफ की। इसी बीच पुलिस ने व्यापारी का पता लगाया और उसे थाने में बुलाया। यहां ऑटो चालक के हाथों ही व्यापारी को बैग दिलवाया। बैग पाकर व्यापारी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा तो ऑटो चालक को भी सुकून मिला। पुलिस ने ऑटो चालक को उसकी ईमानदारी के लिए थाने पर सम्मानित भी किया।

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