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मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह का आरोप- खाद की कालाबाजारी का कमीशन सीएम तक जाता है
Wed, 24 Nov 2021 11:19 AM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 24 Nov 2021 11:19 AM IST
सार
पूर्व मुख्यमंत्री ने खाद संकट के लिए मध्य प्रदेश सरकार को ठहराया जिम्मेदार। कहा कि खाद भी नहीं मिल रही है और किसानों की पिटाई हो रही है।
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दिग्विजय सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस से राज्यसभा सांसद सदस्य दिग्विजय सिंह छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पीरा गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। जहां देर रात उन्होंने शादी समारोह के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर खाद की कालाबाजारी से कमीशन लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने खाद संकट को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
दिग्विजय सिंह ने कहा यह जन जागरण यात्रा पूरे देश में है। जनता में बेहद नाराजगी है खासकर गरीब लोगों में, पूरे किसान गरीब मजदूर, मध्यमवर्गीय व्यापारी सब परेशान हैं। लूट मची हुई है। खाद की कमी इतनी है कि ब्लैक में लेने को मजबूर हैं। निवाड़ी में एक टीआई ने किसान को चांटा मार दिया है। वहां खाद भी नहीं मिल रही है। किसानों की पिटाई भी हो रही है। खाद की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। यूरिया की बोरी 50 किलो की थी, उसे अब 45 किलो का कर दिया है। 268 रुपये की खाद की बोरी व्यापारी खुलेआम 400-450 रुपये में बेच रहे हैं। उसका बिल भी नहीं दे रहे हैं। खुलेआम चोरी हो रही है। इसमें कमीशन का हिस्सा सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक पहुंच रहा है।
स्कूली बच्चों की साइकिलों की कालाबाजारी
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा के मामले में भी सरकार गंभीर नहीं है। पूरी तरीके से शिक्षा अस्त-व्यस्त हो चुकी है। सरकारी स्कूलों से निकालकर लोग प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को डाल रहे हैं। बच्चों को मिलने वाली साइकिल भी घटिया क्वालिटी की दी जा रही है। उसमें भी कमीशनबाजी हो रही है। साइकिलों की बाजार में बिक्री को लेकर कहा कि यह पूरा स्कैंडल है। शासन से मिलने वाली स्कूली बच्चों की साइकिलों की कालाबाजारी को बेहद शर्मनाक है।
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छतरपुर के बाजार में बिक रही है बच्चों की साइकिलें
बीते दिनों स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े एक मामले का खुलासा हुआ था। इसमें शासन द्वारा बच्चों को मुफ्त मिलने वाली साइकिलें बाजार में बिकती पाई गई थी। इन साइकिलों में मध्य प्रदेश शासन का "स्कूल चलें हम" का स्टीकर भी लगा था। समस्त और सटीक जानकारी होने के बाजूद जिम्मेदार शासन-प्रशासन मौन है। इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
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दिग्विजय सिंह ने कहा यह जन जागरण यात्रा पूरे देश में है। जनता में बेहद नाराजगी है खासकर गरीब लोगों में, पूरे किसान गरीब मजदूर, मध्यमवर्गीय व्यापारी सब परेशान हैं। लूट मची हुई है। खाद की कमी इतनी है कि ब्लैक में लेने को मजबूर हैं। निवाड़ी में एक टीआई ने किसान को चांटा मार दिया है। वहां खाद भी नहीं मिल रही है। किसानों की पिटाई भी हो रही है। खाद की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। यूरिया की बोरी 50 किलो की थी, उसे अब 45 किलो का कर दिया है। 268 रुपये की खाद की बोरी व्यापारी खुलेआम 400-450 रुपये में बेच रहे हैं। उसका बिल भी नहीं दे रहे हैं। खुलेआम चोरी हो रही है। इसमें कमीशन का हिस्सा सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री तक पहुंच रहा है।
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स्कूली बच्चों की साइकिलों की कालाबाजारी
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा के मामले में भी सरकार गंभीर नहीं है। पूरी तरीके से शिक्षा अस्त-व्यस्त हो चुकी है। सरकारी स्कूलों से निकालकर लोग प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को डाल रहे हैं। बच्चों को मिलने वाली साइकिल भी घटिया क्वालिटी की दी जा रही है। उसमें भी कमीशनबाजी हो रही है। साइकिलों की बाजार में बिक्री को लेकर कहा कि यह पूरा स्कैंडल है। शासन से मिलने वाली स्कूली बच्चों की साइकिलों की कालाबाजारी को बेहद शर्मनाक है।
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छतरपुर के बाजार में बिक रही है बच्चों की साइकिलें
बीते दिनों स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े एक मामले का खुलासा हुआ था। इसमें शासन द्वारा बच्चों को मुफ्त मिलने वाली साइकिलें बाजार में बिकती पाई गई थी। इन साइकिलों में मध्य प्रदेश शासन का "स्कूल चलें हम" का स्टीकर भी लगा था। समस्त और सटीक जानकारी होने के बाजूद जिम्मेदार शासन-प्रशासन मौन है। इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
