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MP विधानसभा बजट सत्र: पटवारी ने अभिभाषण से पहले ही कर दिया विरोध; मुख्यमंत्री ने दिए कार्रवाई के संकेत
Mon, 07 Mar 2022 04:21 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Mon, 07 Mar 2022 04:21 PM IST
सार
कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही राज्यपाल के अभिभाषण के बहिष्कार की घोषणा कर दी। इस पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सवाल उठाए हैं। उन पर कार्रवाई भी हो सकती है।
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कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत एक अलग ही विवाद से शुरू हुई। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने राज्यपाल मंगूभाई पटेल के अभिभाषण से पहले ही उसके बहिष्कार की घोषणा कर दी। इस पर सवाल उठ रहे हैं कि अभिभाषण पेश होने से पहले उसका विरोध कैसे हो सकता है? अभिभाषण लीक करने के आरोप भी लगे। गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने पटवारी के ट्वीट पर सवाल उठाए तो प्रतिपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने पटवारी के बहिष्कार से दूरी बना ली। इससे पटवारी इस मुद्दे पर अलग-थलग पड़ गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इस पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या अब ट्वीट से बहिष्कार होगा? इस पर क्या कार्यवाही होनी चाहिए, इसका फैसला आसंदी करेगी।
पटवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि "कैसे सुना जा सकता है ऐसी सरकार का अभिभाषण जिसने प्रदेश के देश में बेरोजगारी, कुपोषण, रेप, भ्रष्टाचार जैसे मामले में नंबर वन बना दिया है।" राज्य की कथित समस्याओं का जिक्र करते हुए जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया में लिखा "बेलगाम नौकरशाही, किसान भी हुआ शोषित, घर घर पहुंची सस्ती शराब, सबसे ज्यादा गौहत्याएं मध्य प्रदेश में, जन जन को बना दिया कर्जदार शिवराज सिंह चौहान जी, जन/ प्रदेश हित में मैं राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार कर रहा हूं। क्योंकि चिर निद्रा में सोई भाजपा सरकार को जगाना जरूरी है।"
जीतू पटवारी ने वीडियो में कहा कि मैं राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करता हूं। इसके बहिष्कार की घोषणा करता हूं। कैसे सुना जा सकता है ऐसा अभिभाषण, जब गायों की हत्या में मध्य प्रदेश ने अपना नाम कर दिया है। मेरी सरकार ने 1 रुपये 60 पैसा गायों के रखरखाव के लिए रखा है। यह अपने आप में बताता है कि गायों की हत्यारी सरकार है। कैसे सुना जा सकता है इस अभिभाषण को, जिसमें लोकतंत्र की हत्या की गई। पंचायत चुनाव, स्थानीय निकाय के चुनाव इस सरकार ने नहीं कराए। कैसे सुना जा सकता है इस अभिभाषण को, जिसमें 3 लाख करोड़ के कर्जे में मेरे प्रदेश को ला दिया? हर परिवार के एक सदस्य पर 50 हजार के आस पास का कर्जा हो गया। कैसा आर्थिक भविष्य बनेगा मेरे प्रदेश का, जिसमें किसानों का कर्जा खा गए, किसानों की बीमा राशि में अनियमितता हो गई? प्रदेश में 3500 नई शराब की दुकानें डाल दी। सवाल मत पूछो, रोजगार की बात मत करो और शराबी बनो मस्त रहो। सस्ती कर दी शराब, हर घर में रखो शराब, परिवहन सरल कर दिया, ऐसा प्रदेश का मुख्यमंत्री मैंने दूसरा नहीं देखा। कैसे ऐसे मुख्यमंत्री की सरकार का अभिभाषण सुना जा सकता है? हमारे पीएम ने कहा कि आपने प्रदेश को नंबर वन कर दिया, प्रदेश को रेप में, बेरोजगारी में कुपोषण में, मातृ मृत्यु दर में, भ्रष्टाचार में नंबर वन कर दिया है। बिजली के बिलों से परिवार के लोग हाहाकार मचा रहे हैं। मैं अभिभाषण का बहिष्कार करता हूं और माफी मांगते हुए ऐसी लूट की सरकार की अराजकता का विरोध करता हूं।
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सस्ते पब्लिसिटी प्रोपेगेंडा के लिए ट्वीट से बहिष्कार हो रहा है?
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा की अपनी गरिमामय परंपरा रही है। महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सब सम्मान के साथ सुनते रहे हैं। केवल मीडिया में छपने के लिए, अलग दिखने के लिए, सस्ते पब्लिसिटी प्रोपेगेंडा के लिए, ट्वीट से बहिष्कार हो रहा है। यह ट्वीट से बहिष्कार क्या है? क्या सोशल मीडिया पर ही सब कुछ होगा? क्या सदन की गरिमा को खंडित और तार-तार किया जाएगा? क्या मध्य प्रदेश की गौरवशाली परंपराओं को ट्वीट से ध्वस्त कर दिया जाएगा? मैं आभारी हूं कमलनाथ जी का, जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कहा कि यह गलत परंपरा है। हमारे संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह मामला आसंदी (अध्यक्ष) के सामने उठाया है। ऐसे कदाचरण पर आसंदी फैसला करेगी।
मिश्रा ने पूछा- पटवारी को अभिभाषण की कॉपी कहां से मिली?
जीतू पटवारी के ट्वीट पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सवाल उठाया कि जो अभिभाषण अभी पढ़ा ही नहीं गया। उसके बारे में पहले से कह देना पूर्वाग्रह से पीड़ित होना है। उन्होंने जीतू पटवारी का नाम लिए बगैर कहा कि यह विधानसभा है आदरणीय, और आप विधायक हैं। पार्टी गई तेल लेने वाली... स्थिति नहीं है। सदन की अपनी एक गरिमा है। सदन का अपना एक स्थान है। मेरा ऐसा मानना है और मेरा उनसे निवेदन है, करबद्ध प्रार्थना है कि इस तरह गवर्नर जैसे पद पर बैठे व्यक्ति के अभिभाषण का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। वे बताएं कि उन्हें अभिभाषण की कॉपी कहां मिल गई? विधानसभा की कार्यवाही पर हर घंटे लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसकी गरिमा बनाए रखें। इसे राजनीतिक का अखाड़ा न बनाएं।
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पटवारी ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए कहा कि "कैसे सुना जा सकता है ऐसी सरकार का अभिभाषण जिसने प्रदेश के देश में बेरोजगारी, कुपोषण, रेप, भ्रष्टाचार जैसे मामले में नंबर वन बना दिया है।" राज्य की कथित समस्याओं का जिक्र करते हुए जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया में लिखा "बेलगाम नौकरशाही, किसान भी हुआ शोषित, घर घर पहुंची सस्ती शराब, सबसे ज्यादा गौहत्याएं मध्य प्रदेश में, जन जन को बना दिया कर्जदार शिवराज सिंह चौहान जी, जन/ प्रदेश हित में मैं राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार कर रहा हूं। क्योंकि चिर निद्रा में सोई भाजपा सरकार को जगाना जरूरी है।"
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जीतू पटवारी के आरोप-
जीतू पटवारी ने वीडियो में कहा कि मैं राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध करता हूं। इसके बहिष्कार की घोषणा करता हूं। कैसे सुना जा सकता है ऐसा अभिभाषण, जब गायों की हत्या में मध्य प्रदेश ने अपना नाम कर दिया है। मेरी सरकार ने 1 रुपये 60 पैसा गायों के रखरखाव के लिए रखा है। यह अपने आप में बताता है कि गायों की हत्यारी सरकार है। कैसे सुना जा सकता है इस अभिभाषण को, जिसमें लोकतंत्र की हत्या की गई। पंचायत चुनाव, स्थानीय निकाय के चुनाव इस सरकार ने नहीं कराए। कैसे सुना जा सकता है इस अभिभाषण को, जिसमें 3 लाख करोड़ के कर्जे में मेरे प्रदेश को ला दिया? हर परिवार के एक सदस्य पर 50 हजार के आस पास का कर्जा हो गया। कैसा आर्थिक भविष्य बनेगा मेरे प्रदेश का, जिसमें किसानों का कर्जा खा गए, किसानों की बीमा राशि में अनियमितता हो गई? प्रदेश में 3500 नई शराब की दुकानें डाल दी। सवाल मत पूछो, रोजगार की बात मत करो और शराबी बनो मस्त रहो। सस्ती कर दी शराब, हर घर में रखो शराब, परिवहन सरल कर दिया, ऐसा प्रदेश का मुख्यमंत्री मैंने दूसरा नहीं देखा। कैसे ऐसे मुख्यमंत्री की सरकार का अभिभाषण सुना जा सकता है? हमारे पीएम ने कहा कि आपने प्रदेश को नंबर वन कर दिया, प्रदेश को रेप में, बेरोजगारी में कुपोषण में, मातृ मृत्यु दर में, भ्रष्टाचार में नंबर वन कर दिया है। बिजली के बिलों से परिवार के लोग हाहाकार मचा रहे हैं। मैं अभिभाषण का बहिष्कार करता हूं और माफी मांगते हुए ऐसी लूट की सरकार की अराजकता का विरोध करता हूं।
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सस्ते पब्लिसिटी प्रोपेगेंडा के लिए ट्वीट से बहिष्कार हो रहा है?
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा की अपनी गरिमामय परंपरा रही है। महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सब सम्मान के साथ सुनते रहे हैं। केवल मीडिया में छपने के लिए, अलग दिखने के लिए, सस्ते पब्लिसिटी प्रोपेगेंडा के लिए, ट्वीट से बहिष्कार हो रहा है। यह ट्वीट से बहिष्कार क्या है? क्या सोशल मीडिया पर ही सब कुछ होगा? क्या सदन की गरिमा को खंडित और तार-तार किया जाएगा? क्या मध्य प्रदेश की गौरवशाली परंपराओं को ट्वीट से ध्वस्त कर दिया जाएगा? मैं आभारी हूं कमलनाथ जी का, जिन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर कहा कि यह गलत परंपरा है। हमारे संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यह मामला आसंदी (अध्यक्ष) के सामने उठाया है। ऐसे कदाचरण पर आसंदी फैसला करेगी।
मिश्रा ने पूछा- पटवारी को अभिभाषण की कॉपी कहां से मिली?
जीतू पटवारी के ट्वीट पर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने सवाल उठाया कि जो अभिभाषण अभी पढ़ा ही नहीं गया। उसके बारे में पहले से कह देना पूर्वाग्रह से पीड़ित होना है। उन्होंने जीतू पटवारी का नाम लिए बगैर कहा कि यह विधानसभा है आदरणीय, और आप विधायक हैं। पार्टी गई तेल लेने वाली... स्थिति नहीं है। सदन की अपनी एक गरिमा है। सदन का अपना एक स्थान है। मेरा ऐसा मानना है और मेरा उनसे निवेदन है, करबद्ध प्रार्थना है कि इस तरह गवर्नर जैसे पद पर बैठे व्यक्ति के अभिभाषण का बहिष्कार नहीं करना चाहिए। वे बताएं कि उन्हें अभिभाषण की कॉपी कहां मिल गई? विधानसभा की कार्यवाही पर हर घंटे लाखों रुपये खर्च होते हैं। इसकी गरिमा बनाए रखें। इसे राजनीतिक का अखाड़ा न बनाएं।
