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MP Mission 2023: शिव की शरण में भाजपा, कांग्रेस ने बदली रणनीति, पर बहुसंख्यकों को साधे बिना आसान नहीं मुकाबला
Wed, 28 Sep 2022 01:23 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 28 Sep 2022 01:23 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव में एक साल का समय बचा है। इसके पहले दोनों ही राजनीतिक दल वोटरों को साधने में जुट गए हैं। बहुसंख्यक वोटरों को साधने के लिए महाकाल कॉरिडोर अब श्री महाकाल लोक के नाम से जाना जाएगा।
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बीजेपी, कांग्रेस
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को महाकाल कॉरिडोर का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद राहुल गांधी भी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाकाल के दर्शन करेंगे। बीजेपी शिव की शरण में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को उज्जैन में महाकाल की तस्वीर रखकर कैबिनेट बैठक की। बैठक से पहले अपने संबोधन में सीएम शिवराज ने महाकाल कॉरिडोर को अपने कार्यकाल 2016 के सिंहस्थ के समय की परिकल्पना बताया। इस पर कांग्रेस ने सीएम पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कॉरिडोर की योजना को अपने कार्यकाल की परिकल्पना बता दिया। दरअसल, दोनों ही दल जानते है कि बहुसंख्यक वोटरों को साधे बिना 2023 का मुकाबला आसान नहीं है।
हिंदुत्व का एजेंडा ही सबसे ऊपर
यूपी विधानसभा चुनाव में हार्ड हिंदुत्व के एजेंडे पर बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली थी। एमपी बीजेपी भी इसी राह पर चल रही है। उज्जैन में बाबा महाकाल की तस्वीर रखकर शिवराज कैबिनेट ने संदेश दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए हिंदुत्व का एजेंडा ही सबसे ऊपर रहने वाला है।
कांग्रेस ने भी बदली रणनीति
कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति बदल ली है। कांग्रेस भी सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चल कर बीजेपी का मुकाबला करने की तैयारी में है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में हनुमान जी की 101 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की है। राम मंदिर भूमि के पूजन के समय कमलनाथ ने 11 चांदी की ईंटे अयोध्या भेजने का ऐलान किया। उस समय उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ भी कराया।
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हनुमान जयंती मनाने को लिखी चिट्ठी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने रामनवमी और हनुमान जयंती मनाने के लिए प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चिट्ठी लिखी। कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं को रामनवमी पर रामकथा और भगवान राम की पूजा अर्चना करने और हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करने के लिए कहा। इससे साफ है कि बीजेपी को टक्कर देने के लिए कांग्रेस भी हिंदुत्व की राह पर चल पड़ी है।
कांग्रेस नेता करा रहे धार्मिक यात्रा
कांग्रेस के नेता भी मान चुके हैं कि बीजेपी को बिना हिंदुत्व की राह पर चले टक्कर नहीं दी जा सकती है। यही वजह है कि भोपाल में प्रदेश कांग्रेस सचिव मनोज शुक्ला नरेला विधानसभा क्षेत्र के श्रद्धालुओं को ब्रज दर्शन करने ले जा रहे हैं। वहीं, इंदौर में कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला अयोध्या यात्रा पर जत्थे ले जा रहे हैं। इस तरह के आयोजन कांग्रेस पार्टी की तरफ से तेज कर दिए गए हैं।
15 महीने के काम से उम्मीद
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को अपने 15 महीने के काम से भी उम्मीद है। कमलनाथ ने अपनी सरकार में राम वन गमन पथ, महाकाल मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 300 करोड़ का बजट, महाकाल से ओंकारेश्वर तक ओम सर्किट का निर्माण, पुजारियों को मानदेय, 1000 गौशालाओं का निर्माण, पवित्र नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के काम में जनता के सामने रखने की तैयारी की है। कमलनाथ को उम्मीद है कि इससे बहुसंख्यक उनको वोट जरूर करेगी।
दोनों पार्टी बहुसंख्यक वोटर्स को साधने जुटी
महाकाल कॉरिडोर के अलावा बीजेपी सरकार ने ओंकारेश्वर में स्टैचू ऑफ वननेस का निर्माण की मंजूरी भी दे दी है। रामनवमी जुलूस पर पथराव के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त एक्शन लिया। इस पर उन पर बिना सुनवाई एक पक्ष पर कार्रवाई करने के आरोप लगे। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही आगामी विधानसभा चुनाव में बहुसंख्यक वोटर्स को अपने एजेंडें में सेट करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
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हिंदुत्व का एजेंडा ही सबसे ऊपर
यूपी विधानसभा चुनाव में हार्ड हिंदुत्व के एजेंडे पर बीजेपी को जबरदस्त जीत मिली थी। एमपी बीजेपी भी इसी राह पर चल रही है। उज्जैन में बाबा महाकाल की तस्वीर रखकर शिवराज कैबिनेट ने संदेश दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के लिए हिंदुत्व का एजेंडा ही सबसे ऊपर रहने वाला है।
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कांग्रेस ने भी बदली रणनीति
कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति बदल ली है। कांग्रेस भी सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चल कर बीजेपी का मुकाबला करने की तैयारी में है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में हनुमान जी की 101 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की है। राम मंदिर भूमि के पूजन के समय कमलनाथ ने 11 चांदी की ईंटे अयोध्या भेजने का ऐलान किया। उस समय उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ भी कराया।
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हनुमान जयंती मनाने को लिखी चिट्ठी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने रामनवमी और हनुमान जयंती मनाने के लिए प्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चिट्ठी लिखी। कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं को रामनवमी पर रामकथा और भगवान राम की पूजा अर्चना करने और हनुमान जयंती पर हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करने के लिए कहा। इससे साफ है कि बीजेपी को टक्कर देने के लिए कांग्रेस भी हिंदुत्व की राह पर चल पड़ी है।
कांग्रेस नेता करा रहे धार्मिक यात्रा
कांग्रेस के नेता भी मान चुके हैं कि बीजेपी को बिना हिंदुत्व की राह पर चले टक्कर नहीं दी जा सकती है। यही वजह है कि भोपाल में प्रदेश कांग्रेस सचिव मनोज शुक्ला नरेला विधानसभा क्षेत्र के श्रद्धालुओं को ब्रज दर्शन करने ले जा रहे हैं। वहीं, इंदौर में कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला अयोध्या यात्रा पर जत्थे ले जा रहे हैं। इस तरह के आयोजन कांग्रेस पार्टी की तरफ से तेज कर दिए गए हैं।
15 महीने के काम से उम्मीद
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को अपने 15 महीने के काम से भी उम्मीद है। कमलनाथ ने अपनी सरकार में राम वन गमन पथ, महाकाल मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए 300 करोड़ का बजट, महाकाल से ओंकारेश्वर तक ओम सर्किट का निर्माण, पुजारियों को मानदेय, 1000 गौशालाओं का निर्माण, पवित्र नदियों की स्वच्छता और संरक्षण के काम में जनता के सामने रखने की तैयारी की है। कमलनाथ को उम्मीद है कि इससे बहुसंख्यक उनको वोट जरूर करेगी।
दोनों पार्टी बहुसंख्यक वोटर्स को साधने जुटी
महाकाल कॉरिडोर के अलावा बीजेपी सरकार ने ओंकारेश्वर में स्टैचू ऑफ वननेस का निर्माण की मंजूरी भी दे दी है। रामनवमी जुलूस पर पथराव के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त एक्शन लिया। इस पर उन पर बिना सुनवाई एक पक्ष पर कार्रवाई करने के आरोप लगे। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही आगामी विधानसभा चुनाव में बहुसंख्यक वोटर्स को अपने एजेंडें में सेट करने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
