{"_id":"5bdd8548bdec22694a53c9f8","slug":"madhya-pradesh-assembly-election-2018-satta-ka-semifinal-jabalpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"जबलपुर में रोजगार और महिला सुरक्षा बड़े मुद्दे, ग्राउंड जीरो से नेता और जनता की बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जबलपुर में रोजगार और महिला सुरक्षा बड़े मुद्दे, ग्राउंड जीरो से नेता और जनता की बात
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 03 Nov 2018 04:55 PM IST
विज्ञापन
क्या हैं जबलपुर के बड़े सियासी मुद्दे
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला आपको बता रहा है मध्यप्रदेश के जमीनी हालात और रूबरू करवा रहा है उन मुद्दों से जो इस बार चुनाव में निर्णायक साबित हो सकते हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा जबलपुर। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में संवाददाता वैभव कुमार ने आम जनता और नेताओं से बात की और टटोला यहां का चुनावी मूड।
रोजगार है सबसे बड़ा मुद्दा
कार्यक्रम के दौरान हुई बहस में बीजेपी से शशिकांत शुक्ला और आम आदमी पार्टी से जबलपुर पश्चिम के उम्मीदवार आशीष सिंगरा और मुकेश जायसवाल शामिल हुए।
इस बहस में जनता से लेकर विरोधी दलों के लिए रोजगार सबसे अहम मुद्दा बनकर उभरा। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि शहर में एक भी बड़ा उद्योग नहीं आया है। सैकड़ों स्कूल बंद हो गए। सिर्फ दो बड़े अस्पताल हैं। जबलपुर पश्चिम से आप की टिकट पर खड़े आशीष सिंगरा ने कहा कि हर घर में युवा बेरोजगार बैठा है। पार्टी ने सत्ता में आने पर हर युवा को रोजगार का वादा किया है और ऐसा नहीं होने पर 3 हजार रुपये महीने की सम्मान राशि मिलने की बात कही है। हालांकि, मध्यप्रदेश में मुख्य टक्कर बीजेपी-कांग्रेस के बीच ही है।
आम आदमी पार्टी के आरोपों को बीजेपी नेता शशिकांत शुक्ला ने बेबुनियाद बताया। उनका कहना था कि भाजपा के समय में काफी विकास हुआ। जबलपुर एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही शुरू हो सकी। कनेक्टिविटी बढ़ी, छोटी लाइन बड़ी लाइन में बदली। उन्होंने कई तकनीकी शिक्षा संस्थान खुलने का दावा भी किया।
विज्ञापन
हालांकि, बहस के दौरान जब जनता की राय ली गई तो कुछ और ही तस्वीर उभरकर सामने आई। युवाओं के बीच बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा नजर आया। एक शख्स ने कहा कि जबलपुर में नौकरी के उतने मौके नहीं हैं। अगर एमबीए किया है तो उसके मुताबिक नौकरी नहीं मिलती। 10-12 हजार की नौकरी मिलती है जिसका कोई फायदा नहीं।
महिला सुरक्षा पर क्या बोले जबलपुरवासी?
महिला सुरक्षा दूसरा बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। खास तौर पर महिला कॉन्सटेबलों की भर्ती और तैनाती की बातें तो खूब हुईं लेकिन जबलपुर की सड़कों पर क्या वाकई ऐसा है। लोगों का जवाब न में मिला। आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बीजेपी के शशिकांत शुक्ला को जमकर घेरा। जिसके जवाब में बीजेपी नेता ने हर जिले में महिला थाने खोले जाने का दावा किया। उन्होंने ये भी कहा कि रेप के कई मामलों में मध्य प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट के तहत जल्द कार्रवाई कर इंसाफ किया गया।
भाजपा ने जबलपुर के तहत आने वाली 8 सीटों में से 5 पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं जबकि तीन पर पेच फंसा है।
अमर उजाला चुनावी रथ का अगला पड़ाव होगा मध्यप्रदेश के शहर कटनी में।
विज्ञापन
रोजगार है सबसे बड़ा मुद्दा
कार्यक्रम के दौरान हुई बहस में बीजेपी से शशिकांत शुक्ला और आम आदमी पार्टी से जबलपुर पश्चिम के उम्मीदवार आशीष सिंगरा और मुकेश जायसवाल शामिल हुए।
इस बहस में जनता से लेकर विरोधी दलों के लिए रोजगार सबसे अहम मुद्दा बनकर उभरा। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि शहर में एक भी बड़ा उद्योग नहीं आया है। सैकड़ों स्कूल बंद हो गए। सिर्फ दो बड़े अस्पताल हैं। जबलपुर पश्चिम से आप की टिकट पर खड़े आशीष सिंगरा ने कहा कि हर घर में युवा बेरोजगार बैठा है। पार्टी ने सत्ता में आने पर हर युवा को रोजगार का वादा किया है और ऐसा नहीं होने पर 3 हजार रुपये महीने की सम्मान राशि मिलने की बात कही है। हालांकि, मध्यप्रदेश में मुख्य टक्कर बीजेपी-कांग्रेस के बीच ही है।
विज्ञापन
आम आदमी पार्टी के आरोपों को बीजेपी नेता शशिकांत शुक्ला ने बेबुनियाद बताया। उनका कहना था कि भाजपा के समय में काफी विकास हुआ। जबलपुर एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही शुरू हो सकी। कनेक्टिविटी बढ़ी, छोटी लाइन बड़ी लाइन में बदली। उन्होंने कई तकनीकी शिक्षा संस्थान खुलने का दावा भी किया।
विज्ञापन
हालांकि, बहस के दौरान जब जनता की राय ली गई तो कुछ और ही तस्वीर उभरकर सामने आई। युवाओं के बीच बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा नजर आया। एक शख्स ने कहा कि जबलपुर में नौकरी के उतने मौके नहीं हैं। अगर एमबीए किया है तो उसके मुताबिक नौकरी नहीं मिलती। 10-12 हजार की नौकरी मिलती है जिसका कोई फायदा नहीं।
महिला सुरक्षा पर क्या बोले जबलपुरवासी?
महिला सुरक्षा दूसरा बड़ा मुद्दा है जिस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। खास तौर पर महिला कॉन्सटेबलों की भर्ती और तैनाती की बातें तो खूब हुईं लेकिन जबलपुर की सड़कों पर क्या वाकई ऐसा है। लोगों का जवाब न में मिला। आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधियों ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर बीजेपी के शशिकांत शुक्ला को जमकर घेरा। जिसके जवाब में बीजेपी नेता ने हर जिले में महिला थाने खोले जाने का दावा किया। उन्होंने ये भी कहा कि रेप के कई मामलों में मध्य प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट के तहत जल्द कार्रवाई कर इंसाफ किया गया।
भाजपा ने जबलपुर के तहत आने वाली 8 सीटों में से 5 पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं जबकि तीन पर पेच फंसा है।
अमर उजाला चुनावी रथ का अगला पड़ाव होगा मध्यप्रदेश के शहर कटनी में।
