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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Lata Mangeshkar passed away: Born in Indore, but the distance remained .... Lata ji was involved in the program of 1984, after this she came to Indore only once

लता मंगेशकर का निधन: इंदौर में हुआ जन्म मगर रही दूरी....1984 के कार्यक्रम में हुई थी शामिल लता जी, इसके बाद सिर्फ एक बार आईं इंदौर

Sun, 06 Feb 2022 01:06 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा Updated Sun, 06 Feb 2022 01:06 PM IST
सार

भारत रत्न लता मंगेशकर का जन्म इंदौर में हुआ था लेकिन इंदौर से उनकी दूरी ही रही। 1984 में एक कार्यक्रम में वे इंदौर आईं थी, लेकिन इसके बाद सिर्फ एक बार 2005 में इंदौर आईं और तब केवल भय्यू महाराज से मिलने पहुंचीं। 

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Lata Mangeshkar passed away: Born in Indore, but the distance remained .... Lata ji was involved in the program of 1984, after this she came to Indore only once
इंदौर में भय्यू महाराज से मिलने पहुंचीं थीं लता जी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मीं लता मंगेशकर मुंबई जाने के बाद इंदौर से दूर ही रहीं। इसके पीछे चाहे जो वजहें रहीं हो लेकिन हकीकत यही है कि लता जी 1984 के बाद एक ही बार इंदौर आईं और नेहरू स्टेडियम में हुए कार्यक्रम में शामिल हुईं। बाद में 2005 में इंदौर आईं थीं।
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दरअसल, इंदौर के सिख मोहल्ले में 1929 में लता मंगेशकर का जन्म हुआ था। करीब छह सालों तक वे यहां रहीं। बचपन इंदौर की गलियों में बीता और सुरों का शुरुआती सफर भी इंदौर से ही शुरू हुआ। रंगमंच में भी काम किया मगर मन गायकी में ही लगा रहा और आखिर में उसी को चुना। अब इंदौर में लता जी की यादें ही शेष हैं और बचपन के उनके किस्से लोगों की जुबां पर हैं। इन तमाम किस्सों के बीच एक बात यह भी सामने आती है कि लता जी इंदौर से जाने के बाद इंदौर से दूर ही रहीं। 1984 में नईदुनिया अखबार समूह द्वारा नेहरू स्टेडियम में लता मंगेशकर का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह सपरिवार मौजूद थे। कार्यक्रम में लता जी ने ऐ मेरे वतन के लोगों..गीत से शुरुआत की थी और अपनी आवाज का ऐसा जादू बिखेरा था कि हर कोई बस सुनता रह गया। उस समय पूरा नेहरू स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था और छावनी से लेकर व्हाइट चर्च, रेसीडेंसी कोठी तक लता जी को सुनने वाले लगभग 10 हजार लोग कई घंटों तक खड़े होकर उनकी आवाज सुन रहे थे। कार्यक्रम में ही अर्जुन सिंह ने हर वर्ष इंदौर में लता अलंकरण सम्मान समारोह आयोजित करने की घोषणा की थी। हालांकि यह भी विडंबना ही रही कि इस कार्यक्रम के बाद कभी भी लता जी ने इंदौर में कोई कार्यक्रम में शिरकत नहीं की। लता जी को इंदौर बुलाने के मुख्यमंत्री स्तर से लेकर सुमित्रा महाजन औऱ कैलाश विजयवर्गीय ने कई प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिली। एक बार 2005 में लता जी इंदौर आईं थी। तब किसी कार्यक्रम में नहीं बल्कि भय्यू महाराज के आश्रम में पूजा करने के लिए सपरिवार पहुंचीं थी। उस समय तीन दिन इंदौर रूकीं थीं। वे होटल से आश्रम और आश्रम से होटल तक ही आतीं- जातीं थीं। भय्यू महाराज से लता जी की आत्मीयता थी और वे उनके कामों से प्रभावित थीं। 
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