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Khargone Accident: एक साथ उठी तीन अर्थियां, गांव भर में पसरा मातम, सात पीड़ित अब भी लड़ रहे जिंदगी की जंग
Wed, 10 May 2023 01:29 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन/ बड़वानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन/ बड़वानी
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 10 May 2023 01:29 PM IST
सार
घटवां में तीन लोगों की मौत से गांवभर में मातम पसरा हुआ है। हादसे में मां, बेटी और दादी की मौत हुई थी। वहीं उनके साथ सफर कर रही खुरूमपुरा निवासी उनकी बुआ की भी मौत हो गई। चारों का अंतिम संस्कार गांव के ही मुक्तिधाम पर किया गया।
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एक साथ चार अर्थियां देख रो दिया पूरा गांव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
खरगोन बस हादसा ग्राम घटवां के एक परिवार पर कहर बनकर टूटा है। एक ही परिवार में दादी, पोती और बहू की हादसे में मौत हुई है तो, वहीं उनके साथ बस में सफर कर रही खुरूमपुरा निवासी बुआ की भी मौत हो गई है। जिनका एक साथ खलघाट में अंतिम संस्कार किया गया है। एक साथ चार अर्थियां देखकर मौजूद हर शख्स की आंख में आंसू आ गए। लोगों ने गमगीन माहौल में सभी को अंतिम विदाई दी। परिवार के कुछ सदस्य अस्पताल में भर्ती हैं।
जानकारी के अनुसार सास मंगती बाई (पति मंशाराम) अपनी बहू लक्ष्मी बाई (पति महेश) और पोती आंचल (पुत्री सुंदरलाल) के साथ खरगोन जिले के लोनारा से एक शादी के कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रही थीं। उनके साथ उनकी ग्राम खुरूमपुरा निवासी बुआ सविता उर्फ बिना बाई भी साथ थीं। बस हादसे में चारों की मौत हो गई, जबकि इनके साथ सफर कर रहे सुखदेव (पुत्र मंशाराम), सुनिता बाई (पति सुखदेव), हर्षिता (पुत्री महेश), आरती (पुत्री सुंदरलाल) और आराधना (पुत्री सुंदरलाल) को इंदौर रैफर किया गया है। एक गर्भवती महिला संगीता बाई पति रवि का उपचार खरगोन में चल रहा है। ग्राम घटवां के एक ही घर से सांस, बहू ओर पोती की एक साथ तीन अर्थियां उठने पर पूरे गांव की आंखें नम हो गई। घटवां से खलघाट पहुंचे तो वहीं खुरूमपुरा से बुआ सविता उर्फ बिना बाई का शव भी पहुंचा। जहां सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से इनका अंतिम संस्कार किया।
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पुल से बस गिरने से हुई थी 24 की मौत
बता दें, मध्यप्रदेश के खरगोन में मंगलवार को हुए दर्दनाक बस हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई थी। खरगोन के बरोड़ नदी पर बने एक 50 फीट ऊंचे पुल से यात्री बस नीचे सूखी नदी में गिर गई थी। इस दुर्घटना में मौके पर ही 15 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि कुछ लोगों ने अस्पताल जाते समय रास्ते में और कुछ लोगों की मौत इलाज के दौरान हुई थी। वहीं, करीब 40 से ज्यादा घायल अस्पताल में भर्ती हैं। जिनमें से नौ लोग इंदौर में गंभीर अवस्था में अपना इलाज करवा रहे हैं।
घटवां गांव के तीन लोगों की भी मौत
इस हादसे में बड़वानी के घटवां गांव के 10 लोग भी हादसे का शिकार हुए थे। जिनमें से तीन लोगों की मौत हो गई और सात लोग अस्पताल में भर्ती हैं। बता दें, बस हादसे के बाद प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने तत्काल प्रभाव से जिला आरटीओ को निलंबित कर दिया था। वहीं, खरगोन के ऊन थाने में बस के कंडक्टर, ड्राइवर और बस मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज हुआ है। बस हादसे का कारण बस में क्षमता से अधिक सवारियां होना और बस की तेज गति बताया जा रहा है। बस 35 सीटर थी, जिसमें 63 से अधिक लोग सवार थे। हादसे से पहले यात्रियों ने ड्राइवर को बस धीरे चलाने के लिए भी कहा था, लेकिन ड्राइवर ने उनकी नहीं सुनी। आखिरकार बस ने अपना नियंत्रण खोया और 50 फीट ऊंची पुलिया से नीचे एक सूखी नदी में जा गिरी। जिससे यह हादसा घटित हुआ।
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जानकारी के अनुसार सास मंगती बाई (पति मंशाराम) अपनी बहू लक्ष्मी बाई (पति महेश) और पोती आंचल (पुत्री सुंदरलाल) के साथ खरगोन जिले के लोनारा से एक शादी के कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रही थीं। उनके साथ उनकी ग्राम खुरूमपुरा निवासी बुआ सविता उर्फ बिना बाई भी साथ थीं। बस हादसे में चारों की मौत हो गई, जबकि इनके साथ सफर कर रहे सुखदेव (पुत्र मंशाराम), सुनिता बाई (पति सुखदेव), हर्षिता (पुत्री महेश), आरती (पुत्री सुंदरलाल) और आराधना (पुत्री सुंदरलाल) को इंदौर रैफर किया गया है। एक गर्भवती महिला संगीता बाई पति रवि का उपचार खरगोन में चल रहा है। ग्राम घटवां के एक ही घर से सांस, बहू ओर पोती की एक साथ तीन अर्थियां उठने पर पूरे गांव की आंखें नम हो गई। घटवां से खलघाट पहुंचे तो वहीं खुरूमपुरा से बुआ सविता उर्फ बिना बाई का शव भी पहुंचा। जहां सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से इनका अंतिम संस्कार किया।
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पुल से बस गिरने से हुई थी 24 की मौत
बता दें, मध्यप्रदेश के खरगोन में मंगलवार को हुए दर्दनाक बस हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई थी। खरगोन के बरोड़ नदी पर बने एक 50 फीट ऊंचे पुल से यात्री बस नीचे सूखी नदी में गिर गई थी। इस दुर्घटना में मौके पर ही 15 लोगों ने दम तोड़ दिया था, जबकि कुछ लोगों ने अस्पताल जाते समय रास्ते में और कुछ लोगों की मौत इलाज के दौरान हुई थी। वहीं, करीब 40 से ज्यादा घायल अस्पताल में भर्ती हैं। जिनमें से नौ लोग इंदौर में गंभीर अवस्था में अपना इलाज करवा रहे हैं।
घटवां गांव के तीन लोगों की भी मौत
इस हादसे में बड़वानी के घटवां गांव के 10 लोग भी हादसे का शिकार हुए थे। जिनमें से तीन लोगों की मौत हो गई और सात लोग अस्पताल में भर्ती हैं। बता दें, बस हादसे के बाद प्रभारी मंत्री कमल पटेल ने तत्काल प्रभाव से जिला आरटीओ को निलंबित कर दिया था। वहीं, खरगोन के ऊन थाने में बस के कंडक्टर, ड्राइवर और बस मालिक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला भी दर्ज हुआ है। बस हादसे का कारण बस में क्षमता से अधिक सवारियां होना और बस की तेज गति बताया जा रहा है। बस 35 सीटर थी, जिसमें 63 से अधिक लोग सवार थे। हादसे से पहले यात्रियों ने ड्राइवर को बस धीरे चलाने के लिए भी कहा था, लेकिन ड्राइवर ने उनकी नहीं सुनी। आखिरकार बस ने अपना नियंत्रण खोया और 50 फीट ऊंची पुलिया से नीचे एक सूखी नदी में जा गिरी। जिससे यह हादसा घटित हुआ।
