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Kuno National Park: अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस पर कूनो नेशनल पार्क में खुले में छोड़े गए दो नर चीते वायु और अग्नि
Wed, 04 Dec 2024 07:07 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 04 Dec 2024 07:07 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर वायु और अग्नि नाम के दो चीतों को जंगल में छोड़ा गया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
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कूनो नेशनल पार्क
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर वायु और अग्नि नाम के दो चीतों को जंगल में छोड़ा गया। ये अब तक बाड़े में रह रहे थे। विशेषज्ञों ने जंगल में उनकी सुरक्षा, भोजन और विचरण को लेकर चर्चा के बाद उन्हें खोलने में छोड़ने का निर्णय लिया।
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कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वर्तमान में 12 शावक सहित 24 चीते हैं, जिनमें से एक मादा शावक पूर्ण वयस्क हो गई है। जल्द ही खुले जंगल में और चीते छोड़े जाने की संभावना बढ़ गई है। अगले दो-तीन दिन में दो और चीते छोड़े जा सकते हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर आजाद हुए चीते
बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस है, जो दुनिया के सबसे तेज दौड़ने वाले इस जीव के प्रति जागरूकता फैलाने और इसके संरक्षण के प्रयासों को प्रोत्साहन देने के लिए मनाया जाता है। यह दिन चीतों की कम होती आबादी और उनके प्राकृतिक आवासों की रक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। इस अवसर पर कूनो नेशनल पार्क में बसाए गए चीतों में से दो वायु और अग्नि को खुले जंगल में छोड़ा गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इस दिन की बधाई दी है।
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17 महीने मां के साथ रहते हैं चीते
चीतों के शावक 17 महीने अपनी मां के साथ रहते हैं और उसके बाद अलग हो जाते हैं। ये तीन साल में पूरी तरह युवा हो जाते हैं। नामीबियाई और दक्षिण अफ्रीकी 12 चीते अब कूनो की आबोहवा में रच बस गए हैं। साल 2024 चीतों के लिए बेहतर साबित हुआ है। 11 नए शावकों का जन्म हुआ है और सिर्फ छह चीतों की मौत हुई है। चीता एक्शन प्लान के अनुसार कूनो नेशनल पार्क में 20 चीतों के रहने लायक जगह है, लेकिन अभी यहां 24 चीते रह रहे हैं।
सभी 24 चीते स्वस्थ
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ आर थिरुकुराल ने बताया कि सभी चीते पूरी तरह से स्वस्थ हैं। खुले जंगल में छोड़े जाने के बाद अब ये चीते रफ्तार में भाग सकेंगे। अपने पसंद के जानवर का शिकार कर अपना पेट भर सकेंगे। कूनो नेशनल पार्क के बाड़े में 12 वयस्क और 12 शावक यानी कुल 24 चीते थे, जिनमें से दो को खुले जंगल में रिलीज कर दिया गया है, अब बाड़े में कुल 22 चीते हैं। गौरतलब है कि चीतों को खुले जंगल में छोड़ने का फैसला स्टीयरिंग कमेटी करती है। कूनो नेशनल पार्क में अब तक जन्मे 12 भारतीय चीता शावक अगले डेढ़ से दो साल में पूरी तरह वयस्क हो जाएंगे। कूनो में जन्म लेने वाली सबसे पहली मादा चीता शावक अब 20 माह की हो चुकी है। इसी साल जनवरी में आशा और ज्वाला ने सात शावकों को जन्म दिया था। वे अगले माह एक साल के हो जाएंगे।
