{"_id":"634a40acaaa32d26de18e0de","slug":"khargone-violence-more-than-seven-lakh-will-be-recovered-from-50-rioters-who-ransacked-house","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Khargone: छह दंगा पीड़ितों को मिला न्याय, तोड़फोड़ कर घर जलाने वाले 50 दंगाइयों से सात लाख से अधिक वसूले जाएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Khargone: छह दंगा पीड़ितों को मिला न्याय, तोड़फोड़ कर घर जलाने वाले 50 दंगाइयों से सात लाख से अधिक वसूले जाएंगे
Sat, 15 Oct 2022 10:41 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 15 Oct 2022 10:41 AM IST
सार
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में रामनवमी के जुलूस के दौरान भड़के दंगों के बाद शिवराज सरकार ने क्लेम्स ट्रिब्यूनल का गठन किया था। कानून बनने के बाद यह पहली बार है कि किसी घटना को लेकर अब दंगे में हुए नुकसान के मामलों की सुनवाई करके भरपाई के आदेश दिए गए हैं।
विज्ञापन
पीड़ितों को मिला न्याय
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खरगोन जिले में 10 अप्रैल को रामनवमी पर हुए साम्प्रदायिक दंगे में पथराव, लूट और लोगों के घर जलाने वाले 50 दंगाइयों से 7.37 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, गठित देश के पहले क्लेम ट्रिब्यूनल ने शुक्रवार को पहली बार एक साथ छह फैसले सुनाए। इनमें से चार मामले में हिंदू पक्ष पीड़ित हैं और दो में मुस्लिम पक्ष।
विज्ञापन
बता दें कि दोनों पक्षों की सुनवाई, साक्ष्य और गवाहों के आधार पर जिला प्रशासन के आंकलन को आधार मानकर राशि तय की गई है। तय गाइडलाइन के मुताबिक, क्लेम ट्रिब्यूनल का फैसला क्रिमिनल कोर्ट के फैसले से प्रभावित नहीं होगा।
विज्ञापन
क्लेम ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा, आरोपी पक्ष को 15 दिनों में राशि जमा करनी होगी। इसके बाद छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा। कलेक्टर तहसीलदार के माध्यम से भू-राजस्व की वसूली के समान, क्षतिपूर्ति राशि की वसूली करेंगे। इसमें आवश्यकता हुई तो आरोपी की अचल संपत्ति कुर्क कर नीलाम भी की जा सकती है।
विज्ञापन
ट्रिब्यूनल में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश डॉ. शिवकुमार मिश्रा और सेवानिवृत्त सचिव प्रभात पाराशर सदस्य हैं। शुरूआत में कुल 343 आवेदनों में से ऐसे 34 प्रकरण ट्रिब्यूनल ने मान्य किए थे, जिनमें आरोपी ज्ञात हैं। तीन आवेदकों ने अपने प्रकरण वापस ले लिए। छह मामले में फैसला सुनाए जाने के बाद अब 25 मामले शेष हैं।
