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Khandwa : रक्षाबंधन पर जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर भी राखी बांध सकेंगी बहनें, अनुमति जारी

Sun, 18 Aug 2024 09:24 AM IST
खंडवा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा Published by: खंडवा ब्यूरो Updated Sun, 18 Aug 2024 09:24 AM IST
सार

खंडवा की शहीद टंट्या मामा जेल के जेलर ललित दीक्षित ने बताया कि रक्षाबंधन पर जेल में बंद बंदियों को उनकी बहनों से प्रत्यक्ष मुलाकात की छूट रहेगी। लेकिन, बंदियों और जेल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बहनों को राखी, रूमाल, मिठाई, और नारियल  जेल की कैंटीन से ही खरीदना होगा।  

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On Rakshabandhan, sisters will be able to tie Rakhi on wrists of their brothers lodged in district jail
रक्षाबंधन 2024 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देशभर में सोमवार को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माने जाने वाले रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस पर्व पर दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाली बहनें भी अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए जरूर उनके घर पहुंचती हैं। बहनें भाइयों को मिठाई खिलाकर उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र रूपी राखी बांधती हैं। साथ ही, भाई भी इसके बाद अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देता है। वहीं, जेल में बंद किसी भाई की कलाई पर उसकी बहन की राखी बंधने से न छूटे, इसके लिए मध्य प्रदेश के खंडवा की जिला जेल में विशेष व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था के तहत, रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों से न केवल मुलाकात कर सकेंगी, बल्कि उन्हें मिठाई और नारियल देकर उनकी कलाई पर राखी भी बांध सकेंगी।

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सोमवार, 19 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर जेलों में बंद बंदियों की बहनें, जो अपने बंदी भाइयों को राखी बांधना चाहती हैं, उन्हें इस दिन के लिए अपने भाइयों से मुलाकात करने की अनुमति दी गई है। खंडवा की शहीद टंट्या मामा जिला जेल के जेलर ललित दीक्षित ने बताया कि पर्व के दिन जिला जेल खंडवा में बंद बंदियों को उनकी बहनों से प्रत्यक्ष मुलाकात करने दी जाएगी। हालांकि, बंदियों और जेल की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राखी बांधने आई बहनों को राखी, रूमाल, मिठाई, और नारियल जेल की कैंटीन से ही खरीदना होगा। विशेष ध्यान रखा जाएगा कि केवल कैंटीन से खरीदी गई मिठाई और नारियल ही जेल के अंदर बंदियों को प्रदान किए जाएं।
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जेल उप-अधीक्षक ने बताया कि जेल बंदियों से मुलाकात के ललिए बहनों को शासन द्वारा निर्धारित उनके फोटो युक्त पहचान पत्र, जिसमें पता लिखा हो जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि, साथ लाना होगा। इसके अनुसार उनकी जानकारी और अन्य विवरण दर्ज कर जेल की व्यवस्था के अनुसार बहनों को मुलाकात करने दी जाएगी। बंदियों से मुलाकात के लिए सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक पंजीकरण किया जाएगा। इस समय तक पंजीकृत सभी बहनों को उनके भाइयों से मुलाकात करने दी जाएगी।
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उप-अधीक्षक ने यह भी बताया कि मुलाकात के दौरान बहनों के साथ केवल 5 साल तक के बच्चों को ही जेल के अंदर प्रवेश दिया जाएगा, और जेल में बंद बंदी भाई से उसकी बहन को केवल एक बार ही मुलाकात करने दी जाएगी। इस कारण, सभी बहनों को एक साथ पंजीकरण करवाकर मुलाकात करनी होगी। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि मुलाकात पर आने वाली बहनें मोबाइल, पर्स सहित अन्य कीमती सामान साथ में न लाएं, या फिर अपने साथ आए परिवारजनों को सुपुर्द करके ही जेल के भीतर जाएं।

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