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Health Camp Khandwa: मरीजों की नब्ज टटोलने बैठे डॉक्टर-नर्स को परोसा घटिया भोजन, जिला पंचायत पर फोड़ा ठीकरा
Thu, 29 Feb 2024 10:07 AM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खंडवा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 29 Feb 2024 10:07 AM IST
सार
स्वास्थ्य शिविर में मरीजों की नब्ज टटोलने बैठे डॉक्टर और नर्सों को घटिया भोजन परोसा गया। ऐसे में सीएमएचओ इस अव्यवस्था की ठीकरा जिला पंचायत पर फोड़ा।
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जिला पंचायत पर फोड़ा ठीकरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के आदिवासी अंचल खालवा ब्लॉक में जिला प्रशासन ने बुधवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया था। हालांकि, यह शिविर अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया, तो वहीं मरीजों की नब्ज टटोलने यहां बैठे डॉक्टर और उनकी देखभाल के लिए मौजूद नर्सों को ही घटिया भोजन परोस दिया गया, जिसको लेकर यहां मौजूद डॉक्टर और नर्स ने हड़ताल तक कर दी और अपनी कुर्सियों को छोड़ सभी एक जगह एकत्र हो कर बैठ गए।
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वहीं, जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी द्वारा मामले पर लीपापोती करते हुए, डॉक्टरों पर ही घर से भोजन नहीं लेकर आने के चलते उपजी अव्यवस्था बता दिया गया। साथ ही खुद को इससे बचाते हुए भोजन व्यवस्था करने का ठीकरा उन्होंने जिला पंचायत के सर पर फोड़ दिया।
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खंडवा जिले के खंडवा ब्लॉक में बुधवार को जिला कलेक्टर अनूप कुमार सिंह की पहल पर बड़े स्तर पर आम लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ देने के उद्देश्य के चलते एक विशाल स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें कई बड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाया गया था। हालांकि, यह शिविर भारी अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। यहां मौजूद डॉक्टर और नर्सों को दो पूरी और आलू की सब्जी खाने के लिए दी गई थी, जिससे नाराज होकर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ काम छोड़कर अलग होकर बैठ गए तो वहीं इस दौरान वहां मौजूद खालवा ब्लॉक में पदस्थ डॉक्टर नरेंद्र ने बताया कि खाने की कोई व्यवस्था नही थी और सुबह आठ बजे से सभी डॉक्टर और स्टाफ स्वास्थ्य शिविर में मौजूद थे। हमें पहले से नहीं बताया गया था कि खाना साथ में लेकर आना है और यहां जो खाना मिला वह सही नहीं था।
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सीएमएचओ बोले, खाना सबको लेकर आना चाहिए था
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर जब मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी जुगतावत से पूछा गया कि डॉक्टरों का आरोप है कि भोजन की क्वॉलिटी ठीक नहीं है और इसमें भेदभाव भी किया जा रहा है। तब इसको लेकर उन्होंने कहा कि नहीं भेदभाव नहीं है, यह जो व्यवस्था है प्रशासनिक व्यवस्था है। उस हिसाब से खाना उन सबको लेकर आना चाहिए था कायदे से और अब जो व्यवस्था प्रशासन ने की है उसमें अपने को काम करना है। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि सभी स्टाफ ने कुर्सियां छोड़ दी हैं और कोई भी काम करने को तैयार नहीं है, तब उन्होंने कहा कि नहीं-नहीं, सभी लोग काम करेंगे और ऐसा कुछ है तो कल अलग से व्यवस्था जमा लेंगे।
जिला पंचायत पर फोड़ा भोजन व्यवस्था का ठीकरा
हालांकि, जब सीएमएचओ डॉ जुगतावत से पूछा गया कि भोजन व्यवस्था किसकी तरफ से थी, तब उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की तरफ से थी और प्रशासन मतलब जिला पंचायत की तरफ से। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि सभी डॉक्टर बाहर से आए हैं और हड़ताल पर चले गए हैं, काम नहीं कर रहे हैं, और अलग खड़े हो गए हैं। तब ऐसे में स्वास्थ्य शिविर कैसे चलेगा, जिस पर वह इस सवाल को टालते हुए लहजे में बोले की सब व्यवस्था हो जाएगी।
