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Katni News: फर्जी साइन कर कंपनी से दो डायरेक्टर को किया बेदखल, MP-CG के चार लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज
Wed, 31 Jul 2024 09:36 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 31 Jul 2024 09:36 PM IST
सार
फर्जी साइन कर कंपनी से दो डायरेक्टर्स को बेदखल कर दिया गया। पुलिस ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के चार आरोपियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
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कोतवाली थाना, कटनी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्यप्रदेश के कटनी जिले में धोखाधड़ी का हाई प्रोफाइल मामला समाने आया है। जहां जिले के दो बड़े कारोबारियों ने दो अलग-अलग थानों में पहुंचकर चार एमपी और सीजी के व्यापारियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज करते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
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कटनी के कोतवाली और माधवनगर थाने में पहुंचे सुरेंद्र कुमार सलूजा और हरनीत सिंह लांबा ने आरोपी हिमांशु श्रीवास्तव, सनमति जैन, सुनील अग्रवाल सहित लाची मित्तल के विरुद्ध धोखाधड़ी की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करवाया है। आवेदक के मुताबिक, उनके द्वारा जबलपुर जिले के हरगढ़ क्षेत्र में स्थित आयरन ओट खदान में करोड़ों को इंवेंटमेंट करते हुए साल 2018 में मेसर्स यूरो प्रतीक इंड्रस्टीज प्राइवेट लिमिटेड में डायरेक्टर के पद लिए थे। हालांकि, शुरुआत में तो सब ठीक चला। लेकिन पिछले कुछ वक्त से कंपनी चार डायरेक्टर्स द्वारा बिना अपने अन्य हिस्सेदारों को बताए बाहर किसी अन्य को लौह अयस्क खनन करते हुए बेच रहे थे, जिस पर आपत्ति जताने पर विवाद शुरू हुआ।
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सुरेंद्र कुमार सलूजा ने बताया कि हाल ही में उनके द्वारा जबलपुर कलेक्टर से कंपनी में चल रही मनमानी शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर सुनवाई के लिए बुलवाए जाने पर हमें पता चला कि मुझे और हरनीत सिंह लांबा हमने कंपनी से डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है। इसे सुनकर उनके नीचे से जमीन खसक गई और दोनों ने ही आनन-फानन में अपने सीए से जानकारी ली तो दोनों को अपने साथ हुए ठगी का पता चला।
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हरनीत सिंह बताते हुए उनके द्वारा किसी भी ऐसे दस्तावेज में साइन ही नहीं किया गया, जिससे वो फर्म से इस्तीफा देना चाहते हैं। बता दें, पूरे प्रकरण में रायपुर के तथाकथित तौर पर महेंद्र गोयनका की प्रमुख भूमिका है, जिनके इशारे में कूटरचित कागजात बनवाकर फर्जी साइन करवाए गए और कंपनी से दोनों ही डायरेक्टर को कंपनी से त्यागपत्र लगाकर कंपनी से बाहर का रास्ता दिखाया गया। यही नहीं बैक में जमा करोड़ों की एफडी तोड़ी गई है। बावजूद इसके कटनी पुलिस द्वारा रायपुर निवासी महेंद्र गोयनका का एफआईआर से गायब कर दिया गया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
