{"_id":"642466f2a11c4454ba02f1f3","slug":"katni-news-parents-had-come-to-see-dhirendra-shastri-crowd-and-heat-killed-the-innocent-2023-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Katni News : धीरेंद्र शास्त्री के दर्शन करने पहुंचे थे माता-पिता, भीड़ और गर्मी ने ली मासूम की जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Katni News : धीरेंद्र शास्त्री के दर्शन करने पहुंचे थे माता-पिता, भीड़ और गर्मी ने ली मासूम की जान
Wed, 29 Mar 2023 09:57 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Wed, 29 Mar 2023 09:57 PM IST
सार
कटनी का युवक अपनी डेढ़ साल की बच्ची को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की रामकथा सुनने और दर्शन को गया था। भीड़, गर्मी और धक्का-मुक्की की वजह से उसकी डेढ़ साल की बच्ची की मौत हो गई।
विज्ञापन
बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र शास्त्री के दर्शन के लिए बच्ची को ले गए थे, उसकी वहां मौत हो गई।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जबलपुर के पनागर में चल रही बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री की श्री रामकथा सुनने प्रदेश के अलग-अलग जिलों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। उन्हीं में से एक मनोहर पटेल है, जो डेढ़ साल की बच्ची देवांशी को पंडित धीरेंद्र शास्त्री के दर्शन कराने ले गया था। लाखों की भीड़ और उमस भरी गर्मी ने उसकी मासूम बच्ची के प्राण हर लिए।
मनोहर पटेल कटनी जिले के ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम बांध का रहने वाला है। वह अपनी बच्ची देवांशी की बार-बार बिगड़ती तबीयत से परेशान था। जब उसे पता चला कि जबलपुर के पनागर में बाबा धीरेंद्र शास्त्री श्रीरामकथा करने पहुंचे हैं तो वह अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ वहां पहुंचा। वहां मौजूद लाखों की भीड़ और गर्मी से उमस होने लगी जिससे बच्ची जोर-जोर से रोने लगी। देवांशी की हालत गंभीर होती देख माता-पिता तुरंत हॉस्पिटल ले गए। परिजनों ने बताया कि बच्ची की मौत रास्ते में ही हो गई थी। डॉक्टर ने जब पोस्टमॉर्डम की बात कही तो माता-पिता ने तुरंत मना करते हुए मासूम देवांशी के शव को अपने साथ घर ले गए। पुलिस ने बताया की पूरे मामले पर कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
मनोहर पटेल कटनी जिले के ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम बांध का रहने वाला है। वह अपनी बच्ची देवांशी की बार-बार बिगड़ती तबीयत से परेशान था। जब उसे पता चला कि जबलपुर के पनागर में बाबा धीरेंद्र शास्त्री श्रीरामकथा करने पहुंचे हैं तो वह अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ वहां पहुंचा। वहां मौजूद लाखों की भीड़ और गर्मी से उमस होने लगी जिससे बच्ची जोर-जोर से रोने लगी। देवांशी की हालत गंभीर होती देख माता-पिता तुरंत हॉस्पिटल ले गए। परिजनों ने बताया कि बच्ची की मौत रास्ते में ही हो गई थी। डॉक्टर ने जब पोस्टमॉर्डम की बात कही तो माता-पिता ने तुरंत मना करते हुए मासूम देवांशी के शव को अपने साथ घर ले गए। पुलिस ने बताया की पूरे मामले पर कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत आती है तो जांच कराई जाएगी।
विज्ञापन
