{"_id":"652b880d51344e24cc01027a","slug":"kankali-temple-raisen-mother-neck-rotates-45-degrees-once-a-year-2023-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kankali Temple Raisen: एक बार 45 डिग्री तक घूमती है माता की गर्दन, उल्टे पंजे से गोबर की थाप लगाती हैं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kankali Temple Raisen: एक बार 45 डिग्री तक घूमती है माता की गर्दन, उल्टे पंजे से गोबर की थाप लगाती हैं महिलाएं
Sun, 15 Oct 2023 12:05 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sun, 15 Oct 2023 12:05 PM IST
सार
Kankali Temple Raisen: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल मुख्यालय से लगभग 21 किलोमीटर दूर मां कंकाली का प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर में मन्नत मांगने का भी एक अलग तरीका है। यहां हाथ में गोबर लगाकर उल्टे पंजे का निशान बनाकर मन्नत मांगी जाती है। नवरात्रि में यहां पर भारी मात्रा में श्रद्धालु इकट्ठे होते हैं। यहां दूर-दूर से भक्त मां कंकाली के दर्शन को पहुंचते हैं।
विज्ञापन
कंकाली का प्रसिद्ध मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल मुख्यालय से लगभग 21 किलोमीटर दूर मां कंकाली का एक ऐसा मंदिर है, जहां पर मां की गर्दन तिरछी है। माना जाता है कि साल में एक बार माता की गर्दन सीधी हो जाती है।जो भक्त इस तिरछी गर्दन को सीधी होते देख लेता है, उसका जीवन सफल हो जाता है और मनोकामना पूरी हो जाती है। इस मंदिर में मन्नत मांगने का भी एक अलग तरीका है, यहां हाथ में गोबर लगाकर उल्टे पंजे का निशान बनाकर मन्नत मांगी जाती है। नवरात्रि में यहां पर भारी मात्रा में श्रद्धालु इकट्ठे होते हैं, यहां दूर-दूर से भक्त मां कंकाली के दर्शन को पहुंचते हैं।
विज्ञापन
मां कंकाली का प्रसिद्ध मंदिर रायसेन जिले के गुदाबाल गांव में स्थित है। माता की यह आकर्षक मूर्ति चमत्कारों के कारण मध्यप्रदेश ही नहीं पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां कंकाली देवी मां की मूर्ति की गर्दन तिरछी है और ये अचानक सीधी हो जाती है। चमत्कार देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी भुवनेश्वर भार्गव बताते हैं कि जो भक्त नवरात्रि के दौरान माता की गर्दन को सीधा होते हुए देख लेते हैं। उसके सभी बिगड़े काम बन जाते हैं, जिसके सौभाग्य होंगे उसको ही माता रानी के ये दर्शन होंगे।
विज्ञापन
लगभग 45 डिग्री झुकी गर्दन हो जाती है सीधी
लोगों का मानना है कि देवी मंदिर से जुड़ी एक और मान्यता है, जिसके अनुसार जिन महिलाओं की गोद सूनी होती है, वह श्रृद्धाभाव से यहां गोबर से उल्टे हाथ लगाती हैं और उनकी मनोकामना पूरी हो जाती है। मनोकामना पूरी होने पर हाथों के सीधे निशान बना दिए जाते हैं। मान्यता है कि नवरात्रि के दिनों में माता की लगभग 45 डिग्री झुकी गर्दन कुछ पलों के लिए सीधी हो जाती है।
विज्ञापन
कंकाली मंदिर के नाम से प्रसिद्ध मंदिर में मां काली की मूर्ति स्थापित है। मंदिर में मां काली की 20 भुजाओं वाली मूर्ति विराजमान है। हरे-भरे जंगलों के बीच यह मां कंकाली का मंदिर आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। भोपाल से दर्शन करने आए आचार्य शिवकांत गौतम ने बताया, वह यहां पर कई साल से आ रहे हैं। माता रानी की चमत्कारिक मूर्ति है, मां से जो मांगों वह मिल जाता है। सच्चे मन से जो भक्त श्रद्धा लेकर यहां पर दर्शन करने आता है, उसकी मनोकामना माता रानी पूरी करती हैं।
