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कैलाश विजयवर्गीय ने पोहा खाने का तरीका देख बांग्लादेशियों को पहचाना! बोले- मेरी रेकी हो रही थी
Fri, 24 Jan 2020 12:25 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 24 Jan 2020 12:25 PM IST
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कैलाश विजयवर्गीय (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
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भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने नागरिकता की पहचान को लेकर अजीब बयान दिया है। उन्होंने इंदौर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूरों के पोहा खाने के स्टाइल से मैं समझ गया कि वह बांग्लादेशी हैं। जब मैंने मजदूरों से बात की तो वे यह तक नहीं बता पाए कि पश्चिम बंगाल के किस जिले या गांव में रहते हैं।
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गुरुवार को सेवा सुरभि के कार्यक्रम में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर आयोजित परिसंवाद में उन्होंने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षा दिए जाने के पीछे वजह यह है कि एक बांग्लादेशी युवक इंदौर के आजाद नगर क्षेत्र में डेढ़ साल तक रहकर मेरी रेकी कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से यह बात सामने आई।
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कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जब कुछ दिन पहले मेरे घर में एक कमरे के निर्माण का काम चल रहा था तो कुछ मजदूरों के खाना खाने का तरीका मुझे अजीब लगा। वे केवल पोहा खा रहे थे। मैंने उनके सुपरवाइजर से बात की और पूछा कि क्या ये बांग्लादेशी हैं। इसके दो दिन बाद कोई भी मजदूर काम पर नहीं आया।
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उन्होंने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि मैंने अभी तक इस मामले में शिकायत दर्ज नहीं कराई है लेकिन आप लोग भी सतर्क रहें। घुसपैठिए देश का माहौल बिगाड़ रहे हैं।
नागरिकता कानून का किया समर्थन
विजयवर्गीय ने नागरिकता कानून का समर्थन करते हुए इसे देशहित में करार दिया। उन्होंने कहा कि यह कानून वास्तविक शरणार्थियों को नागरिकता देगा और घुसपैठियों की पहचान करेगा।
