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मध्यप्रदेश: अपना बंगला देखने भोपाल पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया, 18 साल के बाद पूरी हुई मुराद
Mon, 15 Feb 2021 06:54 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 15 Feb 2021 06:54 AM IST
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ज्योतिरादित्य सिंधिया
- फोटो : twitter
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भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया 18 साल के इंतजार के बाद राजधानी भोपाल में बंगला मिला है। अपने बंगले को देखने के लिए सिंधिया रविवार सुबह भोपाल पहुंचे।यहां उनका फूलों की मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया गया। शिवराज सिंह चौहान की सरकार से बंगला अलॉट होने के करीब 24 दिनों बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया उसे देखने के लिए अपने घर पहुंचे।
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यह बंगला करीब डेढ़ एकड़ की जगह में फैला है। इस दौरान उनके साथ श्यामला हिल्स स्थित बंगला बी-5 पर परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और मंत्री तुलसी सिलावट भी थे। यह बंगला पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और दिग्विजय सिंह के बंगले से बहुत बड़ा है।
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सिंधिया को 18 साल इंतजार करने के बाद मिला बंगला
राजनीतिक दृष्टि से यह बात बहुत महत्वपूर्ण और रोचक है वो इसलिए क्योंकि एक तो राज्यसभा सांसद को राजधानी में कोई बंगला करीब 18 साल बाद मिला है, दूसरा ये कि भाजपा सरकार में आवेदन करने के महज 48 घंटों के अंदर उन्हें ये बंगला दे दिया गया। उन्हें कमलनाथ सरकार ने एक बंगले को लेकर महीनों यहां से वहां, इधर से उधर घुमाती रही थी।
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गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले कुछ सालों से भोपाल में अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए बंगला लेना चाह रहे थे। लेकिन कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने ऐसा नहीं होने दिया उनको लगता था कि अगर सिंधिया को कोई ठिकाना मिल गया तो सरकार पर उनका दबाव बढ़ सकता हैऔर ये बात कांग्रेस के नेताओं को मंजूर नहीं थी।
कमलनाथ सरकार चाहती तो आसानी से दे सकती थी बंगला
सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ये कभी नहीं चाहते थे कि सिंधिया को भोपाल में कोई बंगला मिले। जबकि अगर वे चाहते तो सिंधिया के लिए बंगला एक हफ्ते में तैयार करा कर दिलवा सकते थे लेकिन कमलनाथ की ये मंशा कभी थी ही नहीं। इसलिए सिंधिया को उनकी सरकार में बंगला नहीं मिल पाया।
सिंधिया ने जो बंगला देखा वो नकुलनाथ को अलॉट कर दिया गया
ज्योतिरादित्य सिंधिया जब परेशान हुए और चक्कर काटे तो गृह विभाग ने उनसे कहा कि वे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का लिंक रोड नंबर 1 वाला बंगला ले लें। सिंधिया इस बंगले के लिए तैयार भी हो गए थे, लेकिन शिवराज सिंह ने आखिर तक ये बंगला खाली नहीं किया और इस बीच गृह विभाग ने ये बंगला सांसद नकुलनाथ को अलॉट कर दिया। इस तरह ये बंगला भी सिंधिया के हाथ से निकल गया था।
