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MP News: बलात्कार पीड़िता के गर्भपात में विलंब, जबलपुर हाईकोर्ट ने जांच के लिए मांगी विस्तृत केस डायरी

Sat, 07 Jun 2025 08:33 AM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Sat, 07 Jun 2025 08:33 AM IST
सार

जबलपुर हाईकोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के गर्भपात में देरी के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वे पूरी केस डायरी और जरूरी दस्तावेज जमा करें। इससे पता चलेगा कि गर्भपात में देरी क्यों हुई और दोषियों के खिलाफ सही कार्रवाई की जा सकेगी।

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Why was there a delay in informing the minor about her pregnancy?
जबलपुर हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

जबलपुर हाईकोर्ट की अवकाशकालीन बेंच ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता के गर्भपात में देरी के मामले में राज्य सरकार को केस डायरी और जरूरी दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए हैं। इससे गर्भपात की वजह और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्णायक कदम उठाए जा सकेंगे।
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बालाघाट जिला न्यायालय ने की थी गर्भपात की अनुमति के लिए हाईकोर्ट से मदद मांगने की गुहार
बलात्कार पीड़िता 14 वर्षीय बच्ची के गर्भपात के लिए बालाघाट जिला न्यायालय ने 26 मई को हाईकोर्ट को पत्र लिखा था। हालांकि सिविल सर्जन की रिपोर्ट में दुष्कर्म की प्राथमिकी कब दर्ज हुई, इसका कोई उल्लेख नहीं था, जिसे हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया।
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हाईकोर्ट ने पहले भी जारी किए थे नाबालिग गर्भपात के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश
हाईकोर्ट ने 20 फरवरी 2025 को एक आदेश जारी कर कहा था कि नाबालिग बलात्कार पीड़िता के गर्भवती होने की सूचना थाना प्रभारी को संबंधित न्यायालय को तुरंत देनी होगी। यदि नाबालिग की गर्भावस्था 24 हफ्ते से अधिक हो तो गर्भपात के लिए हाईकोर्ट से अनुमति लेना अनिवार्य है।
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पीड़िता लगभग साढ़े सात महीने से गर्भवती है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे मामले की पूरी केस डायरी और आवश्यक रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करें, जिसमें गर्भपात में देरी के कारणों की स्पष्ट जानकारी हो। मामले की अगली सुनवाई या उससे पहले ही रिपोर्ट दाखिल करनी होगी ताकि कोर्ट नाबालिग के गर्भपात के लिए उचित आदेश दे सके और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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